संतकबीर नगर, 5 नवंबर
वरिष्ठ पत्रकार शोभित पांडेय के असामयिक निधन ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। अपराध बीट पर लगातार काम करने वाले इस निर्भीक कलमकार की साफगोई का हर कोई कायल था। किसी भी सच्ची बात को बिना किसी लागलपेट और डर-भय के शोभित कह जाते थे। वह कोई पक्ष नहीं बनते थे। यही वजह है कि उनकी बात किसी को चुभ भले जाए, लेकिन कोई भी उन्हें कटघरे में नहीं खड़ा कर पाता था।
कलमकार और उसकी कलम के असमय खामोश होने पर समाज का हर वर्ग द्रवित है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा भी इस खबर से द्रवित हो गए। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक ऐसी मिसाल पेश की, जो पत्रकारीय क्षेत्र के लिए आने वाले दिनों में इतिहास बन जाएगी।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे एसपी, दिया था मदद का भरोसा
एसपी संदीप कुमार मीणा शोभित की पत्रकारिता की धार को महसूस करते रहे थे। शोभित की खुद की परिस्थितियों के बारे में कभी कोई जिक्र न करने, केवल खबरों पर ही बात करते रहने की प्रवृत्ति से वह भली-भांति परिचित थे। यही वजह है कि निधन की सूचना मिलते ही वह शोभित का अंतिम दर्शन करने पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए। उन्होंने भरोसा दिया कि वह अपने कलमकार साथी के परिवार की मदद जरूर करेंगे।
पैतृक गांव पहुंचकर दी श्रद्धांजलि और आर्थिक मदद
गुरुवार को एसपी संदीप कुमार मीणा शोभित के पैतृक आवास विश्वनाथपुर गांव पहुंचे। उन्होंने दिवंगत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और दुखी परिवार को 5.51 लाख रुपये की आर्थिक मदद की। पुत्र वियोग से द्रवित पिता लालजी पांडेय और माता व धर्मपत्नी को सांत्वना देते हुए पुलिस अधीक्षक भावुक हो उठे। रुंधे गले से परिवार के हर सुख-दुख में पुलिस और प्रशासन के खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शोभित पांडेय एक निर्भीक और समर्पित पत्रकार थे। समाज के शोषित, पीड़ित और प्रताड़ित तबके की बुलंद आवाज थे।
इस दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा, इंस्पेक्टर महुली हरेंद्र पाठक, इंस्पेक्टर खलीलाबाद जयप्रकाश दुबे भी मौजूद थे।







