दीवाली के 5 दिन के त्योहार में किस दिन क्‍या खरीदना होता है शुभ? धनतेरस से भाई दूज तक की पूरी लिस्ट देखें;

Picture of Shauryanewsindia220@gmail.com

Shauryanewsindia220@gmail.com

FOLLOW US:

Share

भारत में दिवाली का त्योहार केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह सुख, समृद्धि, खुशहाली और परिवार के साथ का भी प्रतीक है। दिवाली का उत्सव पांच दिनों तक चलता है।

इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और समापन भाई दूज के साथ होता है। इन पांच दिनों में हर दिन का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।

दिवाली के दौरान लोग घरों की सफाई करते हैं, सजावट करते हैं और बाजारों से नई चीजें खरीदकर घर लाते हैं। खास बात यह है कि हर दिन कुछ विशेष वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। कहीं सोना-चांदी खरीदा जाता है, तो कहीं बर्तन, झाड़ू, मिठाइयां और पूजा का सामान घर लाने की परंपरा है।

अगर आप भी दिवाली की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं धनतेरस से भाई दूज तक पांचों दिनों में क्या खरीदना शुभ माना जाता है और इन दिनों का क्या महत्व है।

⚜️धनतेरस

इस वर्ष 6 दिसंबर को धनतेरस का त्‍योहार मनाया जाएगा। दीवाली के पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है। इसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। माना जाता है कि धनतेरस पर नई चीजें खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

⚜️धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

* सोना और चांदी के सिक्के।

* सोने-चांदी के गहने।

* पीतल, तांबे और स्टील के बर्तन।

* घर में इस्तेमाल होने वाली झाड़ू।

* साबुत धनिया और पूजा की सामग्री।

धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा बहुत पुरानी है। कई लोग इस दिन चांदी के सिक्के खरीदते हैं और उनकी दिवाली के दिन माता लक्ष्मी के साथ पूजा करते हैं। वहीं, झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार झाड़ू में माता लक्ष्मी का वास बताया गया है। धनतेरस के दिन घर में नई झाड़ू का आना सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

⚜️नरक चतुर्दशी

धनतेरस के अगले दिन नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 7 नवंबर को है। इसे छोटी दिवाली और रूप चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर का वध करने की कथा याद की जाती है। मान्यता है कि इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी।

⚜️छोटी दिवाली पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

* नए कपड़े और वस्त्र।

* सुगंधित तेल।

* उबटन और सौंदर्य से जुड़ी चीजें।

* मिट्टी के दीये।

* मिठाइयां और पूजा का सामान।

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और शरीर पर उबटन लगाने की परंपरा है। इससे रूप निखारता है और शरीर की शुद्धि होती है। कई घरों में इस दिन यमराज के नाम का दीपक भी जलाया जाता है। इसे यम दीपदान कहते हैं।

⚜️बड़ी दीवाली

8 नवंबर 2026 को दीवाली है। यह सबसे खास दिन है। इस दिन पूरे देश में उत्साह और उमंग का माहौल रहता है। घरों को दीयों, रंगोली, फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। शाम के समय माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

⚜️बड़ी दिवाली पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

* माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की नई मूर्तियां।

* खील और बताशे।

* नए कपड़े और उपहार।

* पूजा की थाली और दीपक।

* बहीखाता, कलम और स्टेशनरी का सामान।

* फूल, माला, मिठाई और अन्य पूजा सामग्री।

* दीवाली के दिन नई लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदकर उनकी पूजा की जाती है। व्यापारी वर्ग के लोग इस दिन नए बहीखाते की पूजा करते हैं। इसे नए काम और नए आर्थिक वर्ष की अच्छी शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

* इस दिन घर के हर कोने में दीपक जलाए जाते हैं। मान्यता है कि माता लक्ष्मी दिवाली की रात घरों में आती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इसलिए लोग अपने घरों को साफ रखते हैं और मुख्य दरवाजे पर सुंदर रंगोली बनाते हैं।

⚜️गोवर्धन पूजा

दीवाली के बाद गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। इसे अन्नकूट भी कहा जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। धार्मिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को भारी बारिश से बचाने के लिए अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था। तभी से गोवर्धन पूजा की परंपरा चली आ रही है। इस दिन गाय और गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का विशेष महत्व है।

⚜️गोवर्धन पूजा पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

* घर की सजावट के लिए फूल और बंदनवार।

* पूजा के लिए दीपक और अगरबत्ती।

* अन्नकूट भोग बनाने के लिए अनाज और सब्जियां।

* गाय की पूजा के लिए जरूरी सामग्री।

* घर के किसी काम में उपयोग होने वाली नई वस्‍तु।

* इस दिन कई घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है।

भारत में दिवाली का त्योहार केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह सुख, समृद्धि, खुशहाली और परिवार के साथ का भी प्रतीक है। दिवाली का उत्सव पांच दिनों तक चलता है।

⚜️भाई दूज

11 नवंबर को भाई दूज का त्‍योहार है। पांच दिवसीय दीपोत्सव का समापन भाई दूज के साथ होता है। इस दिन बहने अपने भाइयों को टीका लगाती हैं और सुख समृद्धी का आशीर्वाद देती हैं। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार और रिश्ते को समर्पित है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को घर बुलाती हैं या उनके घर जाकर तिलक करती हैं।

⚜️भाई दूज पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐

* भाई के लिए कपड़े और उपहार।

* मिठाई और फल।

* रोली और अक्षत।

* पूजा की थाली।

* नारियल और अन्य पूजा सामग्री।

अत: 5 दिनों के दीवाली के त्‍योहार पर हर किसी को ऊपर बताई गई शुभ चीजों में से कोई न कोई अपने घर जरूर लानी चाहिए।

।। जय सियाराम जी।।
।। ॐ नमः शिवाय।।

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

 

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई