खुद के मिसाइल को घुमा कर खुद के ही भीतर घुसा देना शायद इसी को कहते हैं;

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टीवी पत्रकार रुबिया लियाकत ने काँग्रेस समर्थक पत्रकार सतीश सिंह से पूछा कि वीर सावरकर कौन थे?

तो सतीश सिंह ने कहा, “हिन्दू महासभा के अध्यक्ष थे।”

रुबिका : मतलब RSS के नहीं थे न?

सतीश सिंह : अरे RSS वीर सावरकर की विचारधारा से प्रेरित संगठन है।

सावरकर ही एक तरह से RSS के संस्थापक थे।

रुबिका : तो RSS के यही संस्थापक सावरकर 11 साल तक काला पानी की जेल में बंद थे।

और आपलोग कहते हैं कि RSS का एक आदमी आजादी के आंदोलन में जेल नहीं गया।

अब मैं आपसे पूछती हूँ कि कांग्रेस के एक नेता का नाम बता दीजिए जिसे अंग्रेजों ने काला पानी की सजा दी हो।

सतीश सिंह : अब्बा, डब्बा, चब्बा!

रुबिका लियाकत : अंग्रेज, काला पानी की सजा उसे ही देते थे जिससे उनकी हुकूमत को खतरा होता था।

जाहिर है कि अंग्रेजों को ज़्यादा खतरा सावरकर से था,

नेहरू से नहीं।

सतीश सिंह : मेरे कहने का मतलब था…

रुबिका लियाकत : मतलब-वतलब बाद में समझाइयेगा। अभी ये वादा कीजिये कि आगे से आप ये कहना बंद कर देंगे कि

आरएसएस का कोई नेता जेल नहीं गया।

आपही ने कहा है कि सावरकर RSS के स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा पुंज हैं।

एक सच्ची पत्रकार रूबिका जी ❣️.

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

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