एयरटेल के नाम पर दीपावली ऑफर का फर्जी विज्ञापन “ठगी का नया जाल और प्रशासन की चुप्पी”

Picture of Shauryanewsindia220@gmail.com

Shauryanewsindia220@gmail.com

FOLLOW US:

Share

गाज़िपुर ​दीपावली के पावन पर्व पर जहाँ एक तरफ लोग खुशियाँ मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साइबर ठग (Cyber Criminals) सक्रिय हो गए हैं। इन दिनों सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर “एयरटेल दीपावली ऑफर – अभी पाएं 2000 रुपये” के नाम से एक खतरनाक फर्जी विज्ञापन धड़ल्ले से वायरल हो रहा है। यह पूरी तरह से एक फ्रॉड है, जिसका मकसद लोगों को अपने जाल में फंसाना और वित्तीय नुकसान पहुँचाना है।

​कैसे काम करता है यह ठगी का जाल?
​इस फर्जीवाड़े का पैटर्न बेहद शातिर है, ताकि लोग आसानी से झांसे में आ जाएं: लुभावना संदेश यूजर्स के WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लिंक भेजा जाता है, जिसमें दावा किया जाता है कि एयरटेल कंपनी दीपावली के मौके पर सभी यूजर्स को 2000 रुपये का नगद इनाम या रिचार्ज दे रही है।
​

जब यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, तो उससे कहा जाता है कि इस ऑफर को अपने कम से कम 10 दोस्तों या व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर करें। लोगों को लगता है कि शेयर करने से उन्हें पैसे मिल जाएंगे, जिसके चलते वे अनजाने में इस फर्जी संदेश को आगे बढ़ाने लगते हैं।​गेम या मैलवेयर का जाल जब कोई यूजर तय किए गए सभी लोगों को यह संदेश भेज देता है, तो अंत में पैसे मिलने के बजाय एक संदिग्ध गेम खेलने का लिंक या थर्ड-पार्टी वेबसाइट खुल जाती है।

​बैंक खातों पर मंडराता खतरा इस प्रकार के लिंक्स के जरिए फोन में मैलवेयर (Malware) डाउनलोड हो सकता है या यूजर को एक फेक फिशिंग वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है, जहाँ पर्सनल डिटेल्स और बैंक की जानकारी चुराई जा सकती है। ऐसे में, पीड़ित का बैंक खाता खाली होना और साइबर ठगी का शिकार होना महज एक कदम की दूरी पर रह जाता है।

​एयरटेल कंपनी की चेतावनी
​दूरसंचार कंपनी एयरटेल (Airtel) या किसी भी अन्य आधिकारिक संस्था की तरफ से ऐसा कोई दीपावली ऑफर नहीं चलाया जा रहा है। कंपनियाँ हमेशा अपने आधिकारिक ऐप (जैसे Airtel Thanks App) या आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ही घोषणा करती हैं। इस तरह के लुभावने ऑफर्स पूरी तरह फर्जी होते हैं।
​

प्रशासन और साइबर सेल की निष्क्रियता पर सवाल
​सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस तरह के व्यापक फ्रॉड कैंपेन के खुलेआम वायरल होने के बावजूद अभी तक स्थानीय प्रशासन या साइबर सेल की तरफ से कोई ठोस संज्ञान या बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। इस तरह की लापरवाही से ठगों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और आम, भोले-भाले लोग इसका शिकार बन रहे हैं।

​बचाव और सुरक्षा के उपाय (क्या करें?

​फॉरवर्ड न करें यदि आपके पास ऐसा कोई संदेश आया है, तो उसे बिल्कुल आगे शेयर न करें। यहीं पर इस चेन को रोक दें।लिंक पर क्लिक न करें किसी भी अज्ञात, लुभावने या थर्ड-पार्टी लिंक पर क्लिक करने से बचें। ​निजी जानकारी साझा न करें ऐसे पेजों पर कभी भी अपना नाम, फोन नंबर, यूपीआई पिन, बैंक विवरण या ओटीपी (OTP) दर्ज न करें।

​शिकायत दर्ज करें यदि आप या आपके किसी जानने वाले ने इस तरह की गलती की है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके इसकी शिकायत दर्ज कराएं।

 

रिपोर्ट विकास सिंह

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई