माँ विंध्यवासिनी विवि में उल्लास से मना कर्नाटक दिवस

Picture of Shauryanewsindia220@gmail.com

Shauryanewsindia220@gmail.com

FOLLOW US:

Share

मीरजापुर। राजभवन लखनऊ के निर्देशानुसार माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मीरजापुर के अस्थायी परिसर राजकीय महाविद्यालय, उमरियाँ, मझवां में कर्नाटक दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी, भाषण, पोस्टर-मॉडल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रंगोली सहित 5 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि प्रो. शोभा गौड़ ने कहा कि कर्नाटक भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक और स्थापत्य विरासत का प्रमुख केंद्र है। 1 नवंबर 1956 को भाषायी आधार पर मैसूर राज्य के रूप में इसका गठन हुआ था, जिसे 1 नवंबर 1973 को कर्नाटक नाम दिया गया।

उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति विविधता में एकता है और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता व सांस्कृतिक गौरव की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र व पदक देकर सम्मानित किया।प्रश्नोत्तरी में प्रथम – उजाला मौर्य (एमए भूगोल प्रथम), द्वितीय – कल्पना द्विवेदी (एमए भूगोल तृतीय) व रेनू चौहान (एमए भूगोल प्रथम) संयुक्त रूप से, तृतीय – अर्चना कुमारी (एमए भूगोल प्रथम)।

भाषण प्रतियोगिता में प्रथम – कल्पना द्विवेदी, द्वितीय – आयुष यादव (एमकॉम प्रथम), तृतीय – शीलू पाठक (एमकॉम प्रथम)।

पोस्टर एवं मॉडल प्रतियोगिता में सौरभ कुमार (भूगोल प्रथम), मनीष भारती (शिक्षा शास्त्र तृतीय) व आरती मौर्य (भूगोल प्रथम) ने रचनात्मक प्रस्तुति दी।सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रथम – अनामिका (गृह विज्ञान प्रथम), द्वितीय – वंदना (एमकॉम प्रथम), तृतीय – उजाला (भूगोल प्रथम)।रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम – प्रीति यादव (गृह विज्ञान तृतीय), द्वितीय – उजाला (शिक्षा शास्त्र) व श्याम जीरा (गृह विज्ञान तृतीय), तृतीय – आंचल मौर्य, प्रिया मौर्य व क्षमा।

इस दौरान कुलसचिव राम नारायण, वित्त अधिकारी गिरीश कुमार, सहायक कुलसचिव अखिलेश मिश्र, पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. अतुल किशोर शाही, डॉ. प्रशांत सिंह, डॉ. आशुतोष राय, डॉ. विभा रानी सिंह, डॉ. जिया परवीन सहित अधिकारी, शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

रिपोर्ट भोलानाथ यादव

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई