रामलीला में दशरथ मरण और भरत मिलाप का भावुक मंचन;

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सैयदराजा (चंदौली)

नगर पंचायत स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला समिति सैयदराजा (शिवानगर) के तत्वावधान में दशरथ मरण, भरत मनावन और चित्रकूट विश्राम लीला का मनोहारी मंचन किया गया। जय श्री काशी विश्वनाथ रामलीला मंडल लोहता (काशी) के प्रस्तोता विनोद तिवारी ने व्यास गुर्दा महाराज के मार्गदर्शन में मंचन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

लीला में दिखाया गया कि श्रीराम गंगा पार कर प्रयागराज में भारद्वाज ऋषि से मिलते हैं और महर्षि वाल्मीकि के आश्रम पहुंचते हैं। उनके परामर्श पर चित्रकूट में निवास करते हैं। इधर अयोध्या लौटे सुमंत से श्रीराम के न लौटने का समाचार सुन राजा दशरथ शोकाकुल होकर प्राण त्याग देते हैं।गुरु वशिष्ठ के निर्देश पर भरत-शत्रुघ्न को ननिहाल से बुलाया जाता है।

पूरी घटना जानकर भरत माता कैकेयी पर रोष व्यक्त करते हैं और राजसिंहासन ठुकराकर श्रीराम को वापस लाने का संकल्प लेते हैं। भरत सभी माताओं व नागरिकों के साथ चित्रकूट पहुंचकर श्रीराम से लौटने की प्रार्थना करते हैं, लेकिन पिता के वचन का सम्मान करते हुए श्रीराम वनवास न छोड़ने का निर्णय लेते हैं।

अंत में भरत उनकी चरण पादुकाएं लेकर लौटते हैं और नंदीग्राम में पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित कर राज्य संचालन करते हैं। इस प्रसंग ने भाई प्रेम, त्याग और मर्यादा का संदेश दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ पूजन व मंगला आरती से हुआ। इस दौरान समिति के अध्यक्ष रविन्द्र जायसवाल ने नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष सरदार सतनाम सिंह’मोंगा’ को अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर अध्यक्ष रविंद्र जायसवाल,जवाहर पांडेय उर्फ लोटन गुरु, सभासद संतोष जायसवाल, अंकित जायसवाल, समाजसेवी मीना सिंह, वीरेंद्र सिंह भोले, जगदीश प्रसाद केशरी, डा0 रामआशीष मौर्य, चंद्रशेखर प्रजापति सहित बड़ी संख्या में लीला प्रेमी मौजूद रहे।

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

 

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