चन्दौली/दिनांक 31 अक्टूबर, 2026
जनपद में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के अनुमोदन के बाद जनपद में कुल 147 धान क्रय केन्द्र बनाए गए हैं। यह खरीद आगामी 02 नवम्बर, 2026 से प्रारम्भ होगी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी है कि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और क्रय केन्द्रों पर धान खरीद का निर्धारित समय प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक रहेगा।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जनपद के विभिन्न विकास खण्डों में क्रय केन्द्रों का निर्धारण किया गया है, जो खाद्य विभाग, पी०सी०एफ०, पी०सीयू०, यू०पी०एस०एस०, भारतीय खाद्य निगम और मण्डी समिति के अंतर्गत संचालित होंगे। बरहनी ब्लॉक में 32 केन्द्र, चकिया ब्लॉक में 23 केन्द्र, चन्दौली सदर ब्लॉक में 22 केन्द्र, सकलडीहा ब्लॉक में18 केन्द्र, धानापुर ब्लॉक में 15 केन्द्र, शहाबगंज ब्लॉक में 13 केन्द्र, चहनियों ब्लॉक में 11 केन्द्र, नियमताबाद ब्लॉक में 07 केन्द्र, नौगढ़ ब्लॉक में 06 केन्द्र स्थापित किया गया है।
इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, किसानों द्वारा सफाई और छनाई के मद में व्यय किए जाने वाले 20 रुपये प्रति क्विंटल की धनराशि भी न्यूनतम समर्थन मूल्य में जोड़कर दी जाएगी। पूरी प्रक्रिया के सुचारू संचालन और पर्यवेक्षण के लिए अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) को जिला खरीद अधिकारी नामित किया गया है। इस वर्ष की धान क्रय नीति में फार्मर रजिस्ट्री को विशेष महत्व दिया गया है। किसानों से मुख्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही धान क्रय किया जाएगा। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है, वे गत वर्षों की भांति खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से करा लें। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में गाटे पूरे नहीं जुड़े हैं, वे प्राथमिकता के आधार पर उन्हें समय से जुड़वा लें ताकि बिक्री के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धान खरीद ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी। जो किसान भाई अपना धान विक्रय करने के लिए क्रम निर्धारित कराना चाहते हैं, वे संबंधित धान क्रय केन्द्र पर जाकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री या किसान पंजीकरण संबंधी विवरण देकर अपना क्रम दर्ज करा सकते हैं। 01 नवम्बर, 2026 को रविवारीय अवकाश होने के कारण यह प्रक्रिया 02 नवम्बर, 2026 से शुरू होगी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि क्रय केन्द्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यदि किसी केन्द्र पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो केन्द्र प्रभारी के साथ-साथ संबंधित संस्था के जिला प्रबन्धकों की भी जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनपद के सभी किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फार्मर रजिस्ट्री और पंजीकरण की स्थिति सुनिश्चित करते हुए नजदीकी क्रय केन्द्र से संपर्क करें और योजना का लाभ उठाएं।







