जमानिया (गाजीपुर): नगर पालिका परिषद जमानियां में जनहितैषी मांगों को लेकर सभासदों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना बृहस्पतिवार को 22वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से आंदोलनरत होने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से सभासदों और स्थानीय लोगों में आक्रोश गहराता जा रहा है।
बाहों और सिर पर पट्टी बांधकर जताया अनूठा विरोध
धरने के 22वें दिन सभासदों ने प्रशासन के खिलाफ अपना अनोखा विरोध दर्ज कराया। सभासदों ने अपनी बाहों और सिर पर पट्टी बांधकर नगर पालिका अध्यक्ष व पालिका प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
इस दौरान सभासदों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत विरोध के लिए नहीं, बल्कि नगर की जनता के हक, हितों और विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए चलाया जा रहा है।
मांगें न माने जाने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान सभासदों ने दो-ूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी न्यायसंगत मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो सभी सभासद सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सामूहिक इस्तीफे के बाद भी उनका आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि आम जनता को साथ लेकर और भी व्यापक स्तर पर शांतिपूर्ण जनांदोलन छेड़ा जाएगा। पालिका प्रशासन पर तानाशाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए उन्होंने दोहरया कि नगर के विकास और जनहित की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभासदों के प्रमुख गंभीर आरोप
सभासदों ने पालिका प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए कर्मचारियों का दुरुपयोग: आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को उनके निर्धारित कार्यों के बजाय निजी कार्यों में धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है, जिससे नगर के आवश्यक और जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
गृहकर (हाउस टैक्स) वसूली: तमाम रोक के बावजूद नगर में अवैध रूप से नवीन गृहकर की वसूली की जा रही है।
विवरण छिपाना: आउटसोर्सिंग कर्मियों की तैनाती, उनके कार्य और जिम्मेदारियों का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक करने से पालिका प्रशासन कतरा रहा है।विकास प्रस्तावों की अनदेखी: बोर्ड बैठकों में सर्वसम्मति से पारित विकास प्रस्तावों को ठंडे बस्ते में डालने पर सभासदों ने गहरा रोष व्यक्त किया।
सभासदों की प्रमुख छः सूत्रीय माँगे
नगर में नवीन गृहकर (हाउस टैक्स) की वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। आउटसोर्सिंग कर्मियों का संपूर्ण ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। बोर्ड बैठकों में पारित सभी विकास प्रस्तावों को धरातल पर लागू किया जाए। आउटसोर्सिंग कर्मियों के दुरुपयोग की रोक सुनिश्चित हो। पालिका से जुड़े सभी विवादित प्रकरणों की निष्पक्ष और पारदर्शी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
नगर विकास कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।
धरना स्थल पर इनकी रही प्रमुख उपस्थिति धरना और विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से रजनीकांत उपाध्याय, राकेश प्रजापति, प्रमोद यादव, सचिन वर्मा, सुरेंद्र चौधरी साहू, अंजनी गुप्ता, मनीष यादव, शिवबचन यादव, उमराव यादव, मोहन राम, और आशीम खां सहित बड़ी संख्या में अन्य सभासद एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।







