पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बेमौसम बारिश और ठंडी तेज हवाओं ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। पकने की कगार पर पहुँच चुकी धान की फसल को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
खेतों में बिछी फसल, जलभराव से बढ़ी मुसीबत
अचानक बदले मौसम के मिजाज और चक्रवात के प्रभाव से क्षेत्र में चारों तरफ पानी भर गया है। तेज हवाओं के झोंके और भारी बारिश के चलते कई इलाकों में लहलहाती धान की खड़ी फसल गिरकर खेतों में बिछ गई है। फसल की नाजुक स्थिति क्षेत्र के किसानों के अनुसार, इस समय धान की अधिकांश फसलों में बालियां निकल चुकी थीं और दाने भरने के साथ ही फसल पकने की अंतिम तैयारी में थी। ऐन वक्त पर हुई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया है।
पशुपालकों की दोहरी मार खेतों में भारी जलभराव होने के कारण पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा, लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में अचानक भारी गिरावट आई है, जिससे जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है।
किसानों का दर्द और पिछले साल की यादें क्षेत्र के किसानों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए प्रशासन से गुहार लगाई है।
डॉ. अनिल यादव (मोहम्मदपुर), रामजी सिंह, भानु सिंह, संजय राम ( रायपुर) से तथा अन्य हरिपाल और अंजनी आदि किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज और कड़ी मेहनत से फसल तैयार की थी। खेतों में पानी जमा होने के कारण उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे अपनी फसल को कैसे बचाएं।
किसानों ने दुख जताते हुए कहा कि ठीक पिछले साल भी इसी समय लगातार बारिश के कारण धान की कटाई बुरी तरह प्रभावित हुई थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक छति उठानी पड़ी थी। इस बार भी वैसी ही डरावनी स्थिति दोबारा सामने आ खड़ी हुई है।
बड़े पैमाने पर खेती प्रभावित, 5 हजार हेक्टेयर पर संकट
आंकड़ों के मुताबिक, जमानिया ब्लॉक क्षेत्र में करीब पाँच हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। चक्रवाती तूफान के कारण इस विस्तृत भू-भाग पर फसल के नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे इलाके के किसानों को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रशासन का पक्ष और राहत की आस
संकट की इस घड़ी में किसानों ने जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की माँग की है। किसानों ने माँग की है कि सरकार जल्द से जल्द फसल नुकसान का स्थलीय सर्वे (ग्राउंड सर्वे) करवाकर प्रभावितों को उचित मुआवजा और आर्थिक राहत प्रदान करे।
इस संबंध में एडीओ एजी (ADO Agriculture) दीपक कुमार ने स्थिति पर बयान देते हुए कहा है
कि लगातार हो रही बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान पहुँचने की आशंका पूरी तरह सही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिन में मौसम के साफ होने की संभावना है। मौसम सामान्य होते ही कृषि विभाग द्वारा युद्धस्तर पर नुकसान का सर्वे कराया जाएगा, ताकि किसानों को नियमानुसार उचित राहत दिलाई जा सके।







