चन्दौली चहनिया
राष्ट्रीय नदी गंगा उत्सव प्रत्येक वर्ष 4 नवंबर को मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 2008 में भारत सरकार ने मां गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित किया था।
इस अवसर पर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और प्रभागीय वनाधिकारी बी शिवशंकर के कुशल निर्देशन में गंगा के संरक्षण, स्वच्छता, अविरलता एवं निर्मलता के प्रति बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी घाट पर जनजागरूकता का संदेश दिया गया ।
जागरूकता रैली पूरे बाजार और आस पास होते हुए पश्चिम वाहिनी घाट पर सभा आयोजित हुई ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता अरविन्द पाण्डेय ने कहा गंगा भारतीय संस्कृति, सभ्यता, आस्था और जीवन का आधार है।
गंगा के जल को स्वच्छ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। गंगा में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक, पूजन सामग्री एवं अन्य अपशिष्ट डालने से बचना चाहिए।जिला परियोजना अधिकारी दर्शन निषाद ने कहा कि चंदौली जनपद के बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा घाट का भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व है।
गंगा की स्वच्छता और संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में बाल्मीकि इंटर कालेज के छात्र छात्राओं और उपस्थित लोगों ने जन जागरूकता अभियान चलाया। और गंगा स्वछता का संकल्प कराया गया। लोक गीत के माध्यम से बिरहा राजेश पाण्डेय और प्रभु निषाद ने प्रस्तुत किया । गंगा सेवा समिति, बलुआ के माध्यम से भी गंगा संरक्षण, घाट की स्वच्छता और जनजागरूकता के प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प है।
गंगा उत्सव का संदेश है कि मां गंगा की अविरल धारा और निर्मल जल आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहें। गंगा को स्वच्छ रखना ही सच्ची गंगा सेवा और मां गंगा के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा है। कार्यक्रम का संचालक गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल ने किया।
इस अवसर पर अंकित जायसवाल, राजेश सोनकर, राज साहनी, मनोज साहनी, विनय रस्तोगी, राजेश साहनी, बृजेश साहनी, धीरज मोदनवाल, जुगनू पासवान आदि लोग उपस्थित रहे।







