शहाबगंज
विकासखंड क्षेत्र के केराडीह माइनर की बदहाल स्थिति को लेकर किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने सिंचाई विभाग पर अस्थायी मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति करने का आरोप लगाते हुए माइनर की दक्षिणी पटरी पर करीब 100 मीटर तक पक्की लाइनिंग कराने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि लेफ्ट कर्मनाशा कैनाल से निकली केराडीह माइनर पचवनियां हेड से निकलती है। हेड से करीब 400 से 500 मीटर पूरब पहुंचते ही माइनर की पटरी धान और गेहूं की सिंचाई के सीजन में बार-बार टूट जाती है। सिंचाई विभाग की ओर से मिट्टी डालकर मरम्मत कराई जाती है, लेकिन पानी का दबाव बढ़ते ही पटरी फिर टूट जाती है।
इससे किसानों को हर बार परेशानी उठानी पड़ती है। किसान विकास मंच के कार्यकर्ता महबूब आलम और मान सिंह ने बताया कि किसान खुद बोरियों में मिट्टी भरकर दर्जनों बार माइनर को बांध चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि माइनर का पानी हेड से महज डेढ़ किलोमीटर तक ही पहुंच पाता है।
इसके चलते ठेकहा, बड़गावां और इसरौलिया गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता।संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता जयप्रकाश और अवर अभियंता से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि माइनर की दक्षिणी पटरी पर करीब 100 मीटर तक पक्की लाइनिंग करा दी जाए तो बार-बार टूटने की समस्या से निजात मिल सकती है और अंतिम छोर तक किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा
इस दौरान सोहराब खान, महबूब आलम, मान सिंह, सुरेश मौर्य, राम अवध सिंह, रामनरेश, इस्ताख शेख, वालिद साहब, सरोज अहमद, कमलेश गुप्ता, मंगरु राम, रामजी, चित्तू राम, बेचू, आजाद, बंधू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।






