चन्दौली कमालपुर
सद्गुरु सदाफलदेव विहंगम योग संस्थान के युवा प्रचारक एवं योग प्रशिक्षक संतोष अग्रवाल ने दीपावली के पावन अवसर पर कहा कि दीपावली केवल घर-आंगन को दीपों से आलोकित करने का पर्व नहीं, बल्कि अंतर्मन में व्याप्त अज्ञान, विकार और नकारात्मकता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान, विवेक एवं सद्भावना का प्रकाश प्रज्वलित करने का महापर्व है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दीपक स्वयं प्रज्वलित होकर चारों ओर प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने जीवन में प्रेम, करुणा, त्याग और परोपकार का प्रकाश फैलाना चाहिए। ईर्ष्या, द्वेष, अहंकार एवं छल-कपट जैसे विकारों का त्याग कर अंतर्मन को निर्मल बनाना ही दीपोत्सव का वास्तविक आध्यात्मिक संदेश है।
संतोष अग्रवाल ने कहा कि दीपावली की सार्थकता केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का प्रकाश फैलाने, असहायों के चेहरों पर मुस्कान लाने तथा समाज में सद्भावना और मानवता को सुदृढ़ करने में निहित है। संतोष अग्रवाल ने कहा कि इस दीपावली पर अपने घरों के साथ हृदयों को भी प्रकाशित करें और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में आशा एवं आनंद का संचार करें।
उन्होंने कहा कि जब अंतर्मन में ज्ञान का दीप प्रज्वलित होगा, तभी जीवन में दिव्यता, समाज में सद्भावना और राष्ट्र में जागरण का प्रकाश फैलेगा।







