उत्तर प्रदेश में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने कड़ा रुख अपनाया है। जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आने पर 9 जनपदों के 10 थानाध्यक्षों को प्रत्यावर्तित करने और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
इन 9 जिलों के 10 थानाध्यक्षों पर कार्रवाई के निर्देश
1. लखीमपुर खीरी: मैलानी और फरधान थाना
2. उन्नाव: सोहरामऊ थाना
3. एटा: जसरथपुर थाना
4. आगरा: लोहामंडी थाना
5. प्रतापगढ़: महेशगंज थाना
6. बदायूं: उसावा थाना
7. बिजनौर: चांदपुर थाना
8. मथुरा: जैत थाना
9. लखनऊ: बाबू बनारसीदास थाना
तीन दिन में मांगी रिपोर्ट, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई के निर्देश
DGP राजीव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए फील्ड में तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना और चौकी स्तर पर लंबित जनशिकायतों की समीक्षा कर तीन दिनों के भीतर आख्या प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने जनपदीय पुलिस प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे लंबित शिकायतों, उनके निस्तारण में देरी के कारणों और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा करें। लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए रेंज और जोन के माध्यम से अपनी रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को भेजें।
शिकायतकर्ता को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी
DGP ने साफ संदेश दिया कि जनता की शिकायतों को अनदेखा करना और उनके निस्तारण में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों एवं विवादों का समयबद्ध, निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं को न्यायोचित सहायता उपलब्ध कराई जाए और संभावित विवादों में समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
सख्त संदेश: जनशिकायतों में लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्षों और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेना होगा और जवाबदेही से बचने वाले अधिकारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।







