चन्दौली धीना।
कमालपुर में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान लंका दहन का दृश्य पात्रों ने इतनी जीवंतता और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया कि पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कलाकारों के शानदार अभिनय, संवाद अदायगी और मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लंका दहन के दृश्य ने रामलीला में उत्साह और रोमांच का ऐसा वातावरण बनाया कि दर्शक देर तक अपनी जगह पर जमे रहे।
रामलीला में हनुमान जी के लंका पहुंचने, माता सीता की खोज करने और रावण की सोने की लंका में अपनी पूंछ से आग लगाने का प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हनुमान जी की भूमिका निभा रहे कलाकार ने अपने दमदार अभिनय, भाव-भंगिमाओं और प्रभावशाली संवादों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। जैसे ही लंका दहन का दृश्य प्रस्तुत किया गया,
पूरा परिसर जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा।
मंच पर लंका का भव्य दृश्य, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रभाव और कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। रावण की स्वर्णिम लंका को आग की लपटों में घिरते देख दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने रामलीला का आनंद लिया।मेघनाथ बने बसंत मिश्रा,हनुमान बने अरविंद दुबे व अक्षय बने अजय दुबे दोनों भाइयों सहित कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुति किया।
रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देना है।इस मौके पर श्याम बिहारी दुबे, हरिवंश उपाध्याय, संजीवन मिश्रा, संजय मिश्रा,गणेश अग्रहरि,रविंद्र नाथ दुबे, बसंत मिश्रा,प्रमोद रस्तोगी,राधा रमण रस्तोगी,सुदर्शन रस्तोगी,महेश अग्रहरि,शम्मी रस्तोगी,शिव रस्तोगी,पप्पू दुबे,विजय मौर्य,सत्येंद्र अग्रहरि,बिनोद अग्रहरि विकास गुप्ता, सोनू गुप्ता,ओमकार रस्तोगी आदि रहे।







