पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)
सुभाष नगर स्थित भक्ति केवल औडलोमी गौड़ीय मठ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। अंतिम दिन कथा वाचक सत्यनारायण दास ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव सहित विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।

कथावाचक सत्यनारायण दास ने श्रीमद्भागवत के प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान के नाम स्मरण, धर्म और ईमानदारी के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने स्वर्ण और कलियुग से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायोचित तरीके और परिश्रम से अर्जित धन से खरीदा गया स्वर्ण भगवान की उपस्थिति का माध्यम बन सकता है, जबकि छल-कपट और अनुचित तरीके से अर्जित संपत्ति में कलि का प्रभाव माना गया है।

कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग प्रस्तुत होते ही मठ का वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति में झूमते, नाचते और भगवान के जयकारे लगाते नजर आए। अंतिम दिन कथा के विश्राम के बाद कार्यक्रम में शामिल अतिथियों और गणमान्य लोगों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान सभासद आरती यादव, मालती गुप्ता, सरवन यादव, मोनू गोंड, रीना यादव सहित कमलेश कुमार, दीपक कुमार, मंजय कुमार, सुनील कुमार, संजय कुमार, मरीना देवी और गीत देवी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान लगातार ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, राधे कृष्ण, राधे कृष्ण’ के जयघोष से पूरा मठ परिसर गूंजता रहा।







