सेवराई ( ग़ाज़ीपुर) तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बारा क्षेत्र में नेशनल हाईवे 124C पर आवारा पशुओं का लगातार बढ़ता जमावड़ा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा खतरा बनता जा रहा है। बारा कारोबीर के समीप मुख्य सड़क पर हर समय गाय और सांडों का डेरा रहता है, जिससे विशेषकर रात्रि के समय सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह गंभीर समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इस ओर अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, नेशनल हाईवे पर फर्राटा भरने वाले तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक आवारा पशुओं के आ जाने से आए दिन बाल-बाल हादसे टल रहे हैं। इस समस्या से सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों (मोटरसाइकिल सवारों) और छोटे चार पहिया वाहनों को उठानी पड़ रही है।
रात के वक्त सड़क पर रोशनी की कमी और अचानक सामने पशुओं के आ जाने से चालकों को संभालने का मौका नहीं मिलता। घनी आबादी और बाजार का क्षेत्र: बारा एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जिसके पास ही बाजार स्थित है। इस मार्ग पर देर रात तक लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे खतरे की संभावना और अधिक बढ़ जाती है।
स्थानीय ग्रामीणों की जुबानी – क्या कहते हैं लोग?
शाहनवाज खान (स्थानीय ग्रामीण) इनका कहना है कि सड़क पर रोजाना झुंड के रूप में आवारा पशु बैठे रहते हैं, जिसके कारण यहां कभी भी कोई भीषण सड़क हादसा हो सकता है। अमजद वकील उन्होंने विशेष रूप से रात के समय वाहन चालकों को पेश आने वाली गंभीर परेशानियों का जिक्र करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
छोटू राम उन्होंने जानकारी दी कि इस खतरनाक स्थिति के चलते यहां पूर्व में भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन और पशुपालकों से सख्त कार्रवाई की मांग क्षेत्र के लोगों ने संबंधित विभाग और स्थानीय गौशाला संचालकों से पुरजोर मांग की है कि सड़क पर डेरा डाले आवारा पशुओं को तत्काल पकड़कर सुरक्षित गौशालाओं में पहुंचाया जाए।
इसके साथ ही, ग्रामीणों ने पशुपालकों से भी यह अपील की है कि वे अपने पशुओं को खुला न छोड़ें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और किसी की जान जोखिम में न पड़े।







