गोरखपुर:
मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना के बाद गोरखपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए 45 दागी और लापरवाह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
गंभीर आरोपों पर एक्शन: लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मी लंबे समय से अवैध वसूली, भ्रष्टाचार, काम में लापरवाही और अनुशासनहीनता जैसे गंभीर आरोपों से घिरे थे।
विभागीय जांच में तेजी: इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ पहले से लंबित विभागीय जांचों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने सभी जांच अधिकारियों से समयबद्ध प्रगति रिपोर्ट तलब की है।
बर्खास्तगी की तैयारी: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, जिन पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप जांच में सही पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी (Dismissal) की संस्तुति सीधे शासन को भेजी जाएगी।
सर्विस रिकॉर्ड पर पड़ेगा असर: दोषी पाए जाने वाले कर्मियों का उल्लेख उनकी ‘चरित्र पंजिका’ (Service Record) में किया जाएगा, जिससे भविष्य में उनके प्रमोशन और अन्य सेवा संबंधी लाभ रद्द हो जाएंगे।
जीरो टॉलरेंस की नीति
हालिया घटना से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और दुराचार पर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) अपनाई जाएगी। आम जनता में पुलिस की साख बहाल करने के लिए विभाग के भीतर मौजूद ‘काली भेड़ों’ को चिह्नित कर कठोर कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।










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