चंदौली
जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के निर्देशन में जनपद चंदौली में संचालित बाल श्रम मुक्त अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक रेस्क्यू एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। आकांक्षी जनपद चंदौली को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा बाल श्रम उन्मूलन हेतु प्रभावी प्रवर्तन एवं जनजागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में यह संयुक्त अभियान आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान अलीनगर से दुलहीपुर तक स्थित दुकानों, प्रतिष्ठानों एवं व्यावसायिक संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया।
इस दौरान दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016)के प्रावधानों तथा बाल श्रम के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही, बाल श्रम मुक्त अभियान के अंतर्गत जनजागरूकता हेतु दुकानों एवं प्रतिष्ठानों पर IEC सामग्री (पोस्टर/स्टिकर) भी चस्पा की गई तथा बाल श्रम न कराने की अपील की गई। संयुक्त रेस्क्यू अभियान के दौरान 4 किशोर श्रमिकों को श्रम से मुक्त कराया गया। संबंधित किशोरों के पुनर्वास एवं आवश्यक विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया नियमानुसार प्रारंभ कर दी गई है।
इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर पंकज सिंह श्रम प्रवर्तन अधिकारी, चंदौली चन्द्र प्रकाश एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) से रामजी Dusiya एवं उनकी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। अभियान के सफल संचालन में नीति आयोग की डेवलपमेंट पार्टनर संस्था Association for Voluntary Action (AVA) की टीम द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। अभियान में AVA के जिला कंसल्टेंट राकेश यादव तथा MSEMVS से गणेश सहित अन्य संबंधित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।







