
चन्दौली डीडीयू नगर
शहर कांग्रेस कमेट के अध्यक्ष बृजेश गुप्ता ने अपने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कराई जा रही जनगणना पर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाये हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ओबीसी को मिलने वाली सुविधा व आरक्षण को समाप्त करने की फिराक में तो नहीं ? लगातार तमाम क्षेत्रों में यह चर्चा लोगों में बनी हुई है। आखिर चर्चा क्यों शुरू हुई ? यह बड़ा सवाल है।
बताते चलें कि सरकार मकान व आम जनगणना करा रही है। जिसके क्रम में पहले स्वगणना हुई जो आंशिक ही हो सकी क्योंकि उस वक्त सर्वर ही नहीं चला। उसके बाद शुरू हुआ घर घर जाकर गणना का कार्य। जिसके लिए एक फॉर्म लोगों से भरवाया जा रहा है। जिसमें कुल 34 बिंदु पर लोगों से सवाल पूछकर फॉर्म भरे जा रहे हैं। उक्त फॉर्म में 13 नंबर बिंदु में जो सवाल पूछे गये है वही बिंदु सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है।
उक्त बिंदु में मुखिया की श्रेणी बतानी है जिसमें एससी को 1 नम्बर एसटी 2 नम्बर व तीसरे नम्बर पर अन्य को रखा गया है। ऐसे में सरकार क्या सिर्फ एससी/एसटी की गणना करा रही है या फिर ओबीसी को सामान्य श्रेणी में रख कर उनको मिलने वाले आरक्षण के हक को समाप्त करना चाहती? आखिर क्यों नहीं ओबीसी, सामान्य व ट्रांसजेंडर की श्रेणी अलग की गई इस गणना में? शहर अध्यक्ष ने कहा कि क्या उसे डर है कि ओबीसी की संख्या ज्यादा होने पर सरकार में ज्यादा प्रतिनिधित्व की मांग करने लगेंगे लोग।
जबकि देश में ओबीसी की जनसख्या अन्य सभी वर्गों से ज्यादा है। कहा कि सरकार में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहले ही कई बार यह मांग की है कि जिसकी जितनी भागीदारी उसकी उतनी हिस्सेदारी होनी चाहिए। वह सभी वर्गों सहित पिछड़े वर्ग को आगे लाने के लिए शुरू से ही कटिबद्ध रहे हैं। ऐसे में सरकार अपनी मंशा साफ करे।
रिपोर्ट – आलिम हाशमी







