चन्दौली पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)। राजकीय महिला चिकित्सालय, मुगलसराय की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. के. चतुर्वेदी ने बताया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत चांदीतारा एवं व्यासपुर गांव में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि शिविर में कुल 215 मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 104 मरीज टीबी के संभावित संक्रमित (सस्पेक्टेड) पाए गए। सभी संदिग्ध मरीजों का एक्स-रे कराया गया, जिसके बाद 3 मरीजों में टीबी संक्रमण की पुष्टि हुई है। इन मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गांव-गांव में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के माध्यम से टीबी की मुफ्त जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि बीमारी की समय रहते पहचान कर मरीजों का उपचार किया जा सके। उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में जांच शिविरों का लाभ उठाने की अपील की।
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, वजन में कमी तथा शाम के समय बुखार की शिकायत हो रही है, तो यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लोगों को तुरंत जांच करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टीबी एक ड्रॉपलेट इन्फेक्शन है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैल सकता है। इसलिए टीबी मरीजों को समय पर इलाज शुरू करना चाहिए, मास्क का नियमित प्रयोग करना चाहिए तथा उनके परिजनों को भी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार बचाव की दवा लेनी चाहिए।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि जनसहयोग और जागरूकता के माध्यम से ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है।







