चहनिया/चंदौली बलुआ थाना अंतर्गत क्षेत्र के टांडा कला (सोनबरसा) में बहुजन समाज के मसीहा व भारतीय संविधान के शिल्पकार परम् पूज्य बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के पावन जयंती का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया l
इस अवसर पर सभी युवा और बुजुर्ग साथी एकत्रित होकर डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित किया ,
आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के बुजुर्गों ने डॉ अम्बेडकर के जीवन और कार्यों के बारे में बताया और क्षेत्र वासियों को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर हर घर की बुजुर्ग माता बहन रात्री से ही अच्छे अच्छे पकवान बनाकर डाक्टर भीम राव अम्बेडकर जी के श्री चरणों में चढ़ावा कर एक दूसरे का मुंह मीठा कराई,यह दृश्य देखकर ऐसा लग रहा था की उनकी विचारधारा आज भी लोगों के दिलो में जीवित है इधर डीजे के धुन पर माताएं बहनों ने ठुमके लगा कर डाक्टर भीम जी के गानों पर झूम रही थी उनके पैर ताल पर थिरक रहें थे और उनके चेहरे पर खुशी की चमक थी
अंबेडकर जी के गीतों में एक अलग ही ऊर्जा है जो महिलाओं को प्रेरित करती है और उन्हे समाज के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है इधर छोटे- छोटे बच्चे बच्चियां अम्बेडकर जी के रुप रेखा बनाकरआम जन मानस को संबिधान के प्रती जागरूप कर रहि थी
इस दौरान नीरज कुमार (सेक्टर अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी)ने कहा की डाक्टर भीम राव अम्बेडकर जी कहते थे की ,, मैं मूर्ति में नही किताबो में हूं मुझे पूजने की नही पढ़ने की जरूरत है ,, एसे महान थे बाबा साहब, इस प्रकार से हजारों की संख्या में कई गांव व क्षेत्र के लोग इकट्ठा होकर कार्यक्रम को सफल बनाते हैं
इस मौके पर उपस्थित भोदू राम,रामकरण, अवधेश कुमार (डाक्टर), राजेश कुमार, दिनेश मोहित रमेश चंद्र, अजय, सोनू, द्वारिका संदीप, दीपक, अभिषेक, शिवम, प्रयांशु यादव,संतोष कुमार, धर्मेंद्र कुमार, रिंकू सोनकर, रोहित कुमार (प्रधानाध्यापक) बिट्टू,देवांश,दिशा, प्रकाश चंद्र सावन कुमार के साथ अन्य लोगों ने डॉ अम्बेडकर के जीवन और कार्यों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।







