वाराणसी।
महज 5 साल की उम्र में नन्हें त्रिशांत ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे शहर को गर्व से भर दिया है। त्रिशांत ने मात्र 51 सेकेंड में पियानो (इलेक्ट्रॉनिक कीबोर्ड) पर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की धुन बजाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके इस अद्भुत प्रदर्शन को India Book of Records ने मान्यता देते हुए उन्हें सबसे तेज पियानो पर राष्ट्रगान बजाने वाले बच्चे के रूप में दर्ज किया है।

5 साल 21 दिन की उम्र में बनाया रिकॉर्ड
त्रिशांत के पिता होमी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने यह रिकॉर्ड 5 साल 21 दिन की उम्र में बनाया था। वर्तमान में उनकी उम्र 5 साल 2 महीने है और उन्हें इसका आधिकारिक प्रमाणपत्र भी प्राप्त हो चुका है। त्रिशांत तीन वर्ष की उम्र से ही पियानो का अभ्यास कर रहे हैं। ‘जन गण मन’ के अलावा वे ‘वंदे मातरम्’, ‘हैप्पी बर्थडे’ सहित कई अन्य धुनें भी सहजता से बजा लेते हैं।
संगीत के साथ मार्शल आर्ट्स में भी निपुण
त्रिशांत केवल पियानो तक ही सीमित नहीं हैं। वे तबला, ड्रम और जम्बो भी बेहतरीन तरीके से बजाते हैं। उनका पूरा दिन एक तय समय-सारिणी के अनुसार गुजरता है, जिसमें सुबह से रात तक अभ्यास शामिल है।
संगीत के साथ-साथ वे मार्शल आर्ट्स में भी दक्ष हैं और कराते के सभी एक्शन आसानी से कर लेते हैं। मार्च माह में वे ब्लैक बेल्ट के लिए परीक्षा देने वाले हैं। यदि वे सफल होते हैं तो भारत में बॉयज कैटेगरी में सबसे कम उम्र के बचे होंगे पूरे भारत में।

अब तक जीत चुके हैं 5 मेडल
त्रिशांत की मां मनु शर्मा ने बताया कि रिकॉर्ड के अलावा उन्होंने जिला स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में 5 मेडल भी जीते हैं। उनकी उपलब्धियां लगातार बढ़ती जा रही हैं और परिवार को उन पर गर्व है।
पढ़ाई के साथ संतुलन
त्रिशांत की पढ़ाई घर पर ट्यूशन के माध्यम से होती है। माता-पिता ने उन पर किताबों का अतिरिक्त बोझ न डालते हुए बचपन से ही उन्हें एक्स्ट्रा एक्टिविटीज की ओर प्रेरित किया है। उनका मानना है कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देना जरूरी है।
धोनी जैसा बनने का सपना
त्रिशांत का सपना है कि वे बड़े होकर भारत के पूर्व कप्तान Mahendra Singh Dhoni की तरह एक सफल क्रिकेटर बनें। फिलहाल वे वाराणसी स्थित Banaras Hindu University परिसर में क्रिकेट अभ्यास भी कर रहे हैं। नन्ही उम्र, बड़े सपने और अनुशासन से भरी दिनचर्या — त्रिशांत वाराणसी ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं।







