चंदौली इलिया जिले में धान क्रय केंद्रों के अचानक बंद हो जाने से किसानों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। सरकार द्वारा पूर्व में फरवरी माह तक धान खरीद जारी रखने की घोषणा की गई थी। क्रय केंद्र प्रभारियों ने भी किसानों को 28 फरवरी तक खरीद होने का भरोसा दिलाया था, जिससे किसान आश्वस्त होकर इंतजार करते रहे।
किसानों का आरोप है कि बड़ी संख्या में उनकी फसल की पोर्टल पर फीडिंग ही नहीं की गई। बार-बार पूछने पर प्रभारियों ने जल्द फीडिंग का आश्वासन दिया, लेकिन अब लखनऊ स्तर से सभी क्रय केंद्रों के पोर्टल बंद कर दिए गए हैं। इससे जिन किसानों की फीडिंग बाकी है, उन्हें भुगतान मिलने पर संकट खड़ा हो गया है।
किसानों का कहना है कि अभी धान बेचने वाले किसानों से कई गुना अधिक किसानों की पोर्टल फीडिंग शेष है। फीडिंग के बिना भुगतान संभव नहीं है, जिससे उनकी मेहनत की कमाई डूबने का खतरा मंडरा रहा है।
इस समस्या को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान चंदौली कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और बिंदुवार समस्याएं रखेंगे। इस आंदोलन में किसान मजदूर संयुक्त यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा, किसान विकास मंच, भारतीय किसान यूनियन व भारतीय किसान यूनियन (जनशक्ति) समेत कई संगठन शामिल रहेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा चंदौली की संयोजक समिति के सदस्य पारसनाथ विश्वकर्मा, गोपाल सिंह, रतन सिंह, कमलेश सिंह, श्रवण कुमार मौर्य और राम अवध सिंह ने कार्यक्रम की घोषणा की है। बताया गया कि शहाबगंज, बरहनी और सकलडीहा ब्लॉक के अधिकांश क्रय केंद्रों पर यह समस्या अधिक गंभीर है, जहां जिले में सर्वाधिक धान की खेती होती है।
किसानों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर पोर्टल चालू कराने और लंबित फीडिंग पूरी कराने की मांग की है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







