अभईपुर जमानिया (गाजीपुर) 4 नवंबर 2026 दिन बुधवार को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अभईपुर शाखा में बैठने की लचर व्यवस्था के कारण ग्राहकों और सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंक के भीतर सोफा और कुछ साधारण कुर्सियां तो उपलब्ध हैं, लेकिन बैंक में आने वाले ग्राहकों की संख्या के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
सुरक्षाकर्मियों की लाचारी बैंक के बाहर बैठने के लिए कोई कुर्सी या बेंच न होने के कारण बैंक रक्षक (होमगार्ड सिपाही) दिन-रात अपनी ड्यूटी के दौरान या तो लगातार खड़े रहने को मजबूर हैं या फिर पास ही बने नहर के पुलिया पर बैठने को विवश हैं।
बैंक के अंदर बैठने की जगह न मिलने के कारण ग्राहक और डयूटी पर तैनात सिपाही बाहर खड़ी अपनी बाइक (मोटरसाइकिल) पर बैठने को मजबूर नजर आए। वहीं, कई अन्य लोग घंटों खड़े रहकर अपना समय बिताते दिखाई दिए।
मैनेजर का आश्वासन निकला बेदम स्थानीय लोगों के अनुसार, बैंक के शाखा प्रबंधक ने करीब 10 दिन पहले ही बैंक के बाहर कुर्सियां लगवाने और ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, यह वादा भी राजनेताओं के खोखले वादों की तरह दम तोड़ता नजर आ रहा है और ज़मीन पर कोई सुधार नहीं हुआ है।
एटीएम का फर्जी बैनर यह आज से पांच सात वर्ष पहले एक बार एटीएम मशीन लगाया गया था, जिसका सांकेतिक बोर्ड भी लगाया गया परंतु पांच सात वर्ष पहले एटीएम चोरी के बाद भी आज तक नहीं हटाया गया जिससे लोग भ्रमित होकर एटीएम पैसा निकालना चाहते हैं परंतु एटीएम नहीं होने से उदासमन वापस चले जाते है l अगर बैनर नहीं होता तो लोग बाहर या बाजार से पैसो की व्यवस्था करते हुए चलते l परंतु एक गलत संदेश कितने लोगों को भ्रमित कर रहे हैं l
स्थानीय लोगों में रोष
बैंक की इस लचर व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर स्थानीय लोगों और बैंक आने वाले ग्राहकों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों ने बैंक प्रबंधन से जल्द से जल्द बैंक के बाहर और भीतर बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और डयूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को इस अमानवीय परेशानी से निजात मिल सके।







