चन्दौली सैयदराजा
नगर पंचायत स्थित शिवानगर की प्रसिद्ध 133 वर्ष पुरानी श्री रामलीला में मंगलवार रात सीता की खोज, अक्षय कुमार वध और लंका दहन लीला का सजीव मंचन किया गया। मंचन देख दर्शक भाव-विभोर हो उठे। लीला में वानरराज सुग्रीव हनुमान सहित पूरी वानर सेना को सीता की खोज में चारों दिशाओं में भेजते हैं। खोजते हुए हनुमान दक्षिण दिशा में समुद्र किनारे पहुंचते हैं, जहां जटायु के भाई संपाती से भेंट होती है। संपाती बताते हैं कि सीता लंका के अशोक वाटिका में हैं।
हनुमान अशोक वाटिका पहुंचकर माता सीता को श्रीराम की दी हुई मुद्रिका दिखाते हैं। सीता पहचान जाती हैं कि यह राम का दूत है। हनुमान राम की पूरी दशा बताते हैं। सीता से आज्ञा लेकर हनुमान वाटिका के फल खाने लगते हैं और पूरी वाटिका को तहस-नहस कर देते हैं।सूचना पर रावण अपने पुत्र अक्षय कुमार को वानर को पकड़ने भेजता है। अक्षय कुमार हनुमान को ललकारता है और हनुमान उसका वध कर देते हैं।
फिर रावण मेघनाद को भेजता है। घनघोर युद्ध के बाद मेघनाद ब्रह्मफांस छोड़ता है, जिसके सम्मान में हनुमान बंध जाते हैं। मेघनाद उन्हें लंका दरबार में पेश करता है।रावण वध का आदेश देता है, लेकिन विभीषण कहते हैं कि दूत का वध नीति विरुद्ध है। विभीषण के कहने पर रावण पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। सैनिक कपड़ा लपेटते हैं, हनुमान पूंछ बढ़ाते जाते हैं, अंत में पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान पूरी लंका जला देते हैं और समुद्र में कूदकर आग बुझाते हैं, फिर सीता का आशीर्वाद लेकर राम के पास लौटते हैं।
मंचन जय श्री काशी विश्वनाथ रामलीला मंडल लोहता (काशी) के प्रस्तोता विनोद कुमार और व्यास गुर्दा महाराज द्वारा किया गया। इस दौरान महिला मंडल प्रमुख मीना सिंह ने सदस्य शकुंतला नाथ दुबे को अंगवस्त्रम और रामायण देकर सम्मानित किया।
मौके पर पूर्व चेयरमैन मदन कुशवाहा, जगदीश मास्टर, परमेश्वर मोदनवाल, संजय कश्यप, राजेंद्र कश्यप, संतोष शर्मा, अभिषेक शर्मा, जुगनू सिंह, मोहन प्रसाद अग्रहरी, अरविंद कसौधन, सचिन सिंह, प्रयागराज के व्यास शिवानंद शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लीला प्रेमी उपस्थित रहे।







