चंदौली,कंदवा
बंदरों के आतंक से परेशान जलालपुर गांव के लोगों को मंगलवार को राहत मिली। मथुरा से आयी टीम के हाथ दस बंदर लग गए। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से सभी बंदरों को चकिया के जंगल में छोड़ दिया गया। बंदरों के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली।
जलालपुर गांव में पिछले काफी समय से बंदरों का आतंक बना हुआ था। बंदरों ने कई लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घरों में घुसकर सामान उठाने के साथ ही लोगों पर हमला करने से ग्रामीणों में भय बना रहता था। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर लोग चिंतित रहते थे।
बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए ग्रामीणों ने मथुरा जिले के बंदर पकड़ने वाले लोगों से संपर्क किया। बातचीत के बाद 25 हजार रुपये में बंदरों को पकड़ने का मामला तय हुआ। मथुरा से पहुंचे बंदर पकड़ने वाले लोगों ने गांव में अभियान चलाया और 10 बंदरों को पकड़ लिया।
इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें चकिया के जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया। गांव के समाजसेवी संजय सिंह ने बताया कि बंदरों के आतंक से ग्रामीण काफी परेशान थे। कई लोगों को बंदर काटकर घायल कर चुके थे। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए मथुरा से बंदर पकड़ने वालों को बुलाया गया। अब बंदरों के पकड़े जाने से लोगों को काफी राहत मिली है।यह अभियान अभी जारी रहेगा।







