चन्दौली ताराजीवनपुर
भारतमाला परियोजना के तहत रेवसा गांव के गरीबों की जमीन तथा मकान अधिग्रहण के खिलाफ महिलाओं ने दसवें दिन भी सोमवार को क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठी रही। चेताया कि शासन प्रशासन द्वारा जबरदस्ती हम लोगों को उजड़ने का काम किया जा रहा है। उचित मुआवजा और पुनर्वास जमीन आवंटन की प्रक्रिया नहीं की जा रही है।
भाकपा (माले) के नेतृत्व में बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले उचित मुआवजा तथा जमीन व आवास देकर पुनर्वास दिए जाने की मांग पर लगभग 4 महीने से ग्रामीण आंदोलनरत है। लेकिन शासन प्रशासन द्वारा जबरदस्ती इनका घर उजड़ने का प्रयास बार-बार किया जा रहा है। इसको लेकर 30 अक्टूबर को तहसील प्रशासन द्वारा पुलिस प्रशासन के साथ गांव में पहुंच कर जेसीबी मशीन से जैसे ही घर ढहाना शुरू किया तो आंदोलनरत लोगों ने यहां पहुंचकर इसका पुरजोर विरोध किया।
इसके खिलाफ प्रशासन द्वारा मुकदमा कर जेल भी भेजने का काम किया गया। इससे आक्रोशित महिलाओं ने धरना प्रदर्शन की कमान संभाल कर क्रमिक भूख हड़ताल का रूप दे दिया। इनका मांग है कि हम लोगों को विस्थापन से पहले पुनर्वास, सरकारी जमीन का पट्टा,हटाने से पहले बसाना, शासन प्रशासन द्वारा फर्जी मुकदमा वापस लेने को लेकर सोमवार को गांव की सरोजा, माधुरी,शशिकला,उर्मिला, लौगा देवी ने क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठी रही। चेताया कि जब तक हम लोगों की मांगे पूरी नहीं होगी आंदोलन को बड़ा रूप देने का काम किया जाएगा।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







