खबर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से जहां समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आनन्द यादव एड० सुनील यादव, एड० संदीप यादव, एड० विवेक चौबे, डॉ. एड० आलोक सौरभ (प्रदेश उपाध्यक्ष समाजवादी अधिवक्ता सभा) एंव अन्य सनातन धर्म में पूर्ण आस्था रखने वाले तथा भगवान श्रीकृष्ण का भक्त है। दिनांक 02 नवंबर 2026 को अपराह्न लगभग 3:00 बजे पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, पीठाधीश्वर बागेश्वर धाम द्वारा भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए दिए गए आलोचनात्मक बयान का वीडियो देखा गया ।
वीडियो एवं विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित विवरण के अनुसार पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणियाँ की गईं। भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप एवं उनकी त्रिभंग मुद्रा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उनके चित्रों में वे तीन स्थानों से टेढ़े दिखाई देते हैं, पैर के ऊपर पैर रखते हैं, कमर लचकाते हैं। तथा गर्दन टेढ़ी करके बांसुरी बजाते हैं।
इसके विपरीत भगवान श्रीराम के संबंध में कहा गया कि हमारे भगवान सीधे खड़े होते हैं, उनका नाम सीधा है, उनका चलना सीधा है और उनका स्वरूप भी सीधा है, जबकि तुम्हारे भगवान का नाम, चलना और खड़े होने का अंदाज टेढ़ा है। भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण की नजरों की भी तुलना करते हुए भगवान श्रीराम की नजर सीधी और भगवान श्रीकृष्ण की नजर टेढी होने संबंधी टिप्पणी की गई।
भगवान श्रीराम के अयोध्या धाम को सीधा बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण के वृंदावन धाम को टेढ़ा बताया गया। भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी बजाने की लीला की तुलना भगवान श्रीराम के धनुष चलाने से करते हुए कहा गया कि बांसुरी बजाना तो खेल है. लेकिन धनुष चलाना खेल नहीं है। इस दौरान मंच पर बांसुरी बजा रहे कलाकार की ओर संकेत करके भी टिप्पणी की गई।







