मिर्जापुर और सोनभद्र के राज्य एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने प्रस्तुत कीं उपलब्धियाँ, वित्त समिति की बैठक भी सम्पन्न

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मीरजापुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) की अध्यक्षता में 30 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को प्रस्तावित समीक्षा बैठक के परिप्रेक्ष्य में आज माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय में मीरजापुर एवं सोनभद्र जनपदों के राजकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से अपने-अपने महाविद्यालयों की उपलब्धियों एवं शैक्षणिक गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया।

महाविद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति, शैक्षिक संसाधनों, आधारभूत सुविधाओं एवं परीक्षा व्यवस्था सहित प्रमुख गतिविधियों की जानकारी दी गई। कुलपति प्रोफेसर शोभा गौड़ ने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे आगामी समीक्षा बैठक के लिए अपने महाविद्यालयों की उपलब्धियों एवं विकास कार्यों से सम्बन्धित विवरण तथ्यपरक, व्यवस्थित एवं अद्यतन रूप में तैयार रखें।

बैठक में मीरजापुर जनपद के इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय, लालगंज, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय महाविद्यालय, चुनार, लालता सिंह राजकीय महाविद्यालय, अदलहाट, नरोत्तम सिंह पदम सिंह राजकीय महाविद्यालय, मंगरहा, राजकीय महाविद्यालय मझवां, के.बी.पी.जी कॉलेज, मीरजापुर, जी.डी.बिनानी पी.जी कॉलेज तथा कमला आर्य कन्या महाविद्यालय मीरजापुर के अतिरिक्त सोनभद्र जनपद से भाऊ राव देवरस राजकीय महाविद्यालय, दुद्धी, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ओबरा, राजकीय महिला महाविद्यालय राबर्ट्सगंज, राजकीय महाविद्यालय बभनी तथा राजकीय महाविद्यालय पवनी कला के प्राचार्य उपस्थित रहे।

इसी क्रम में विश्वविद्यालय की वित्त समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय विषयों पर विचार-विमर्श कर अहम निर्णय लिया गया। बैठक में कुलपति प्रोफेसर शोभा गौड़, कुलसचिव राम नरायन, प्रभारी उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. आलोक यादव, वित्त अधिकारी गिरीश कुमार एवं परीक्षा नियंत्रक हरीश चंद उपस्थित रहे।

 

रिपोर्ट भोलानाथ यादव

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बीता हुआ समय , इतिहास तो बन जाता है…उसे हमलोग पढ़कर .. किनारे कर देते हैं ..पर आप ये हमेशा स्मरण रखें कि इतिहास मौन नहीं रहता …वह तो चिख पुकार कर हम सबको … बताना चाहता है कि गलतियां ना दुहराएं. पर उसे प्रायः हमलोग अनदेखी कर देते हैं…. जिसका परिणाम … स्वयं एक दिन वही इतिहास…. एक शव यात्रा में बदल जाता है।

ये ट्रंप चाचा कल तक चिल्ला रहे थे कि भारत पर 100% टैरिफ लगा दूँगा, पूरी दुनिया को हिला दूँगा। भारत तो डेड इकॉनमी है। लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि ट्रंप चाचा एकदम शांत हो गए? इसके पीछे की पूरी कहानी बताता हूँ, मेरे अनुभव के हिसाब से ,