चन्दौली
,सकलडीहा में दुर्गा पूजा सेवा समिति की ओर से लगातार कई वर्षो से रामलीला और दशहरा पर रावण दहन का कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था। बीते दो साल से सकलडीहा में दोनों कार्यक्रम बंद होने से लोगों में आक्रोश है। ताजपुर के एम्ब्रोसिया स्कूल के खेल ग्राउंड में दशहरा पर राम लक्ष्मण संवाद के साथ रावण का पुतला दहन कार्यक्रम भव्य तरीके से किया गया।
इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। करीब 7 बजे 40 फीट उंची रावण की प्रतिकात्मक पूतला दहन के बाद छात्रों ने जय श्रीराम के नारे लगाये।
सकलडीहा कस्बे में दुर्गा पूजा सेवा समिति की ओर से रावण दहन नहीं होने के कारण आसपास गांव की सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीण और महिलायें मंदिर से वापस लौट गई। शारदीय नवरात्र में दस दिनों की होने वाली रामलीला और दशहरा पर रावण दहन कार्यक्रम से पूरे दस दिनों तक चहल पहल के साथ हजारों की संख्या में लोग जुटते थे। मंदिर समिति के लोगों से विवाद करने के बाद

कार्यक्रम बंद होने से सैकड़ों छोटे व पटरी दुकानदारों की रोजी रोटी पर असर पडा। जिसे लेकर लोगों में भारी मायूसी रही। कार्यक्रम बंद होने से ताजपुर में शिक्षक और छात्रों की ओर से 40 फीट का रावण का प्रतिकात्मक पुतला बनाया गया। जहां पर बच्चों ने राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद राम के तीर लगते ही रावण धू-धू कर जल उठा।
इस दौरान छात्रों ने गरबा और डांडिया नृत्य भी किये। रावण का पुतला जलते ही जय श्री राम के नारे लगाए। क्षेत्रीय लोगों ने बिघालय की इस पहल की तारीफ की। कार्यक्रम संयोजक अरविंद सिंह ने बताया कि यह यह कार्यक्रम बच्चे और शिक्षकों की ओर से किया गया ।
जिसमें विजया दशमी पर्व के बारे में बच्चे अपने जीवन में उतार सके ।इस मौके पर मुकुद बिहारी सिंह एस आई दिनेश कुमार अरविंद सिंह अरूण सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







