पहली बात तो यह कि हरम शरीफ़ में माथे को चूमते हुए वायरल चित्र मिस्र की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गाहेद एल्बना और उसके पति रामजी़ महमूद की है जो 2024 में ली गई।
और इसके लिए उन्हें कोई सज़ा नहीं दी गई थी।
बंगाली लड़के नज़रुल इस्लाम अब्दुल बसीर और लड़की स्वीटी अख्तर ने मक्का के किसी दूसरी मस्जिद में नहीं बल्कि हरम शरीफ के अंदर ही शारीरिक संबंध बनाए और शायद यह इनका पहला मौका नहीं था बल्कि पहले भी यह ऐसा करते रहे हैं….
हरम की बेहुरमती ना हो इसलिए यह बात छिपाई गई कि कोई मुसलमान ऐसा भी कर सकता है ? हरम शरीफ़ में?
नजरुल इस्लाम 13 नवंबर 2022 को वर्क वीजे पर सऊदी अरब आया और Majal Al Arabi Group (MAG) के कर्मचारी के रूप में काबा की सफाई के कर्मचारी के रूप में काम करने लगा…यहां पहले से ही स्वीटी अख्तर सफाई का काम करती थी।
मक्का में नजरुल इस्लाम हय्य अल-इसकान में रहता था जबकि लड़की स्वीटी अख्तर बतहा कुरैश में रहती थी।
इन दोनों के बीच हरम शरीफ़ में कई बार जिस्मानी ताल्लुकात कायम हुए और इन दोनों ने मई 2023 में इस बात को अदालत में स्वीकार भी किया।
दरअसल मस्जिद उल हरम में सफाई का काम करने की वजह से नजरुल इस्लाम वहाँ के चप्पे चप्पे से वाकिफ था ।
उन्होंने मौका पाकर गेट नंबर 85 अर्थात बाब सईद बिन जैद और गेट नंबर 87 अर्थात बाब उम्मे हानी के बीच में ऊपर जाने वाली सीढ़ियों के करीब मौजूद सफ़ाई विभाग के दफ्तरों को इस्तेमाल किया, जो मस्जिद उल हरम के अंदर खाना काबा से चंद मीटर के फासले पर मौजूद हैं और यह जगह मस्जिद उल हरम का हिस्सा है।
सबसे भयावह बात यह है कि नज़रुल इस्लाम ने अपने एक भारतीय दोस्त को पहरेदारी के लिए नीचे खड़ा रहने को कहा। उस दोस्त ने इस घटना का वीडियो बना लिया।
बाद में उसने खुद भी उस लड़की स्वीटी के साथ यौन संबंध बनाने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका या दोनों नजरुल इस्लाम और स्वीटी ने सहमति नहीं दी, तो उसने वीडियो वायरल कर दिया।
इसके बाद यह घटना सामने आ गई। सऊदी अरब के पुलिस अधिकारी तीनों व्यक्तियों को गिरफ्तार करने में सफल रहे और तीनों ने अपने जुर्म को कबूल कर लिया।
भारतीय युवक को 20 साल की कैद की सजा हुई और वह जेल में है। बाकी दोनों लोगों को भी जेल में रखा गया और 14 अक्टूबर को उन्हें फांसी दे दी गई।






