वाराणसी
कर्तव्यनिष्ठा, साहस और मानवता की मिसाल पेश करते हुए 36वीं वाहिनी पीएसी, रामनगर, वाराणसी के जवानों ने केरल के एक युवक की जान बचाने में सराहनीय भूमिका निभाई।
जवानों की तत्परता और सूझबूझ से युवक को समय रहते पानी से बाहर निकालकर मेडिकल टीम सदर हॉस्पिटल SSPG को सुपुर्द किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केरल का एक युवक केदार के आगे पानी में बह रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पीएसी के जवानों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया।
जवानों ने अथक प्रयास कर युवक को अचेत अवस्था में पानी से बाहर निकाला और बिना देर किए उसे चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीम के हवाले कर दिया।
इस साहसिक एवं सराहनीय बचाव अभियान में हेड कांस्टेबल हरेंद्र यादव, आरक्षी अरशद खान, आरक्षी जयप्रकाश सिंह तथा आरक्षी गौतम जी वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन जवानों ने अपनी सूझबूझ, तत्परता और कर्तव्य के प्रति समर्पण का परिचय देते हुए मानव जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
पीएसी जवानों की कार्यशैली बनी मानवता की मिसाल
36वीं वाहिनी पीएसी, रामनगर, वाराणसी के जवानों का यह सराहनीय कार्य पुलिस सेवा के मूल मंत्र—सेवा, सुरक्षा और समर्पण—को चरितार्थ करता है।
संकट की घड़ी में किसी अनजान व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आना और उसकी जान बचाने के लिए तत्परता से प्रयास करना जवानों की संवेदनशीलता, बहादुरी और मानवीय मूल्यों को दर्शाता है।
वर्दी केवल अनुशासन और शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की रक्षा और मानवता की सेवा का संकल्प भी है। पीएसी के इन जवानों ने अपने कार्य से यह साबित किया कि सच्चा कर्तव्य वही है, जिसमें दूसरों के जीवन की रक्षा को सर्वोपरि माना जाए।
जवानों के इस उत्कृष्ट कार्य की सराहना की जा रही है। उनका साहस और सेवाभाव पुलिस बल के अन्य जवानों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
निश्चित रूप से, ऐसे कर्मठ और कर्तव्यपरायण जवान विभाग की गरिमा बढ़ाने के साथ-साथ आमजन के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी मजबूत करते हैं।






