एडीजे-12 जयवीर सिंह नागर ने यह सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध माना है। 12 अप्रैल 2025 को अमित कश्यप की गला दबाकर हत्या की गई थी। हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर में सांप छोड़ा गया था।
परिजनों को शक होने पर हत्या का राज खुला। 12 गवाहों ने अमरदीप और रविता की कारगुजारी बयान की। तत्कालीन एसएसपी विपिन टाडा ने विवेचना पर जोर दिया था, जिसके चलते जल्द न्याय मिला।
रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी







