नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026 – देश में आम आदमी की रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ गया है। सरकार की ओर से सोमवार 12 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की खुदरा महंगाई दर सितंबर में बढ़कर 5.54% हो गई है, जबकि अगस्त में यह 4.83% थी। यह पिछले 23 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है।
आइये हम बताते है कि आंकड़े क्या कहते हैं? सितंबर 2026 में 5.54% (प्रोविजनल), अगस्त में 4.83% (फाइनल) था। • ग्रामीण vs शहरी: ग्रामीण भारत में महंगाई 6.08% रही, जबकि शहरी इलाकों में 4.88% रही। • खाने-पीने की महंगाई: फूड इन्फ्लेशन बढ़कर 7.74% हो गई, जो अगस्त में 5.97% थी।
क्यों बढ़ी महंगाई?
इस बार महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह सब्जियां और रोजमर्रा के मसाले हैं। प्याज, अदरक, लहसुन और नींबू की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सिर्फ प्याज की कीमत में 108% तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही सब्जियों की महंगाई ने घरेलू बजट पर सीधा दबाव बनाया है।
RBI ने उठाया सख्त कदम
लगातार तीसरे महीने महंगाई बढ़ने से रिजर्व बैंक पर दबाव बढ़ गया था। RBI की मौद्रिक नीति समिति ने 7 अक्टूबर 2026 को करीब 4 साल बाद पहली बार रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है।
आगे क्या होगा?
एक्सपर्ट्स की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। SBI रिसर्च का अनुमान है कि सितंबर में CPI 5.65% के आसपास रहेगी और अक्टूबर- नवंबर में यह 6.5% के पार जा सकती है, जिसके 2027 की शुरुआत में ही 6% से नीचे आने की उम्मीद है। SBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अक्टूबर में महंगाई 6.5% के पार जा सकती है।
त्योहारों पर असर
दशहरा-दीवाली पर हर घर में खरीदारी बढ़ती है, लेकिन इस बार रसोई का बजट बिगड़ गया है। मीरजापुर और गाजीपुर के बाजारों में लोगों का कहना है – तेल, सब्जी और किराना का खर्च 15-20% बढ़ गया है। त्योहार में मेहमाननवाजी महंगी हो गई है, बाहर खाने से लेकर घर की मिठाई तक सब पर असर। दशहरा-दीवाली के इस त्योहार सीजन पर आम जनता की जेब ढीली हो रही है और महंगाई से त्योहार भी फीके पड़ रहे हैं।
आम आदमी पर असर ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई पहले ही 6% के पार है, ऐसे में त्योहारी सीजन में प्याज-लहसुन से लेकर बाहर खाने तक का खर्च और बढ़ने वाला है।







