राष्ट्रीय शर्करा संस्थान का 91वां स्थापना दिवस मना, CPCB चार्टर 2.0 पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

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कानपुर, 15 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में 91वां स्थापना दिवस और CPCB चार्टर 2.0 पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं, जबकि सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार और चीनी एवं वनस्पति तेल निदेशालय, भारत सरकार के निदेशक अरविंद कुमार रावत मौजूद रहे। संस्थान की निदेशक सीमा परोहा ने अतिथियों का स्वागत किया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संस्थान के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि गन्ना उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और आधुनिक कृषि तकनीकों को खेतों तक पहुंचाना जरूरी है। उद्योग को जल-वायु प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा दक्षता पर ध्यान देना चाहिए तथा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि 1936 में स्थापित यह संस्थान कानपुर की औद्योगिक और शैक्षणिक पहचान को मजबूत कर रहा है। उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक खेती और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना होगा। उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से अनुसंधान को व्यावहारिक समाधान में बदलना होगा। किसान समृद्ध होंगे तो देश समृद्ध होगा।

विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि संस्थान कानपुर का गौरव है और चीनी, एथेनॉल एवं ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

निदेशक सीमा परोहा ने बताया कि संस्थान ने उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के साथ नई गन्ना किस्मों और प्रजनक बीजों के लिए MoU किया है। संस्थान प्रतिवर्ष 300 से 350 प्रशिक्षित तकनीकी विशेषज्ञ तैयार कर रहा है। किसानों को समय पर भुगतान, लागत में कमी और एथेनॉल व बगास से बिजली उत्पादन जैसे प्रयासों से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल रही है।

CPCB चार्टर-2.0 पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने इसे जल संरक्षण, अपशिष्ट जल उपचार और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

13 प्रगतिशील किसान सम्मानित
प्रगतिशील किसान सम्मान समारोह में देश के विभिन्न राज्यों के 13 गन्ना किसानों को सम्मानित किया गया।

लखीमपुर के अचल कुमार मिश्रा ने सर्वाधिक 3,296 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज प्राप्त की। शाहजहांपुर के कौशल कुमार मिश्रा ने 2,630, नरसिंहपुर मध्य प्रदेश के उपेंद्र कौरव ने 1,538 और सरगुजा छत्तीसगढ़ के भोला शंकर सिंह ने 1,520 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज प्राप्त की।

सात पूर्व छात्र भी सम्मानित
पूर्व छात्र सम्मान समारोह में सात पूर्व छात्रों को चीनी, डिस्टिलरी, गन्ना और बायोएथेनॉल उद्योग में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में योगेश कुमार सिंह, बृज मोहन, अशोक कुमार, आर. नंदा कुमार, के.के. बाजपेई, राजीव नयन ठाकुर और वी. सुब्बु रथीनाम शामिल हैं। इन सभी को शर्करा उद्योग में 30 से 50 वर्ष से अधिक का अनुभव है।

इनकी उपलब्धियों में ग्रीनफील्ड चीनी संयंत्रों, कोजेन परियोजनाओं और डिस्टिलरी का कमीशनिंग, चीनी रिकवरी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि, बैकएंड रिफाइनरी परियोजना, गन्ना विकास में उन्नत प्रजातियों व टिश्यू कल्चर का उपयोग शामिल है। साथ ही बायोगैस, DDGS और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज जैसी टिकाऊ तकनीकों को अपनाने में भी इनका योगदान रहा है। कई को पूर्व में STAI रजत पदक, लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और बेस्ट यूनिट हेड जैसे सम्मान मिल चुके हैं।

 

रिपोर्ट भोलानाथ यादव

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