शारदीय नवरात्र के पहले दिन पश्चिमवाहिनी गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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चन्दौली चहनियां

बलुआ स्थित पश्चिमवाहिनी गंगा घाट पर शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को आस्थावानों ने सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के लिए भोर चार बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सूर्योदय होते-होते घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई। पूरे घाट पर धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा।

शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालु बलुआ घाट पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के बाद मां गंगा का पूजन-अर्चन किया और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा आरोग्य की कामना की। इसके साथ ही लोगों ने नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा की आराधना कर नौ दिवसीय पर्व का शुभारंभ किया।

घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। आसपास के गांवों के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों से भी लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचे। गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते वातावरण भक्तिमय नजर आया। लोगों ने स्नान-ध्यान के बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन कर धार्मिक अनुष्ठान किए।

शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ ही क्षेत्र के देवी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। घरों और मंदिरों में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जा रही है। नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। बलुआ के पश्चिमवाहिनी गंगा घाट पर उमड़ी भीड़ ने नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आस्था की झलक प्रस्तुत की।

स्नान के दौरान प्रशासन की भारी लापरवाही दिखी स्नानार्थियों की सुरक्षा के न तो गंगा में बैरिकेडिंग लगाई गई थी और न ही रोड पर कहीं बलुआ पुलिस द्वारा बैरियर लगाया गया था। बैरियर नहीं लगने से चार पहिया वाहन घाट किनारे तक पहुंचने से जाम लग गया। बलुआ पुलिस 7 बजे तक घाट पर नहीं पहुंची थी जिससे स्नानार्थियों को जाम से निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

 

रिपोर्ट – आलिम हाशमी

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