किशोर सेठ “पूर्व पार्षद” बने वाराणसी जिलाध्यक्ष, चार जिलों के अध्यक्षों की हुई नियुक्ति

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वाराणसी न्यूज़ :-

उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ (1363) के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और स्वर्ण-रजत कारीगरों एवं कारोबारियों के हितों की आवाज बुलंद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संस्था में पदाधिकारियों का पुनर्गठन किया गया है।

शुक्रवार को ठठेरी बाजार स्थित आर एस कटरा पर आहूत बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रवि सर्राफ ने प्रदेश की नई टीम का गठन करते हुए किशोर सेठ “पूर्व पार्षद” को वाराणसी जिलाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही चार जिलों के अध्यक्षों सहित प्रदेश कार्यकारिणी के विभिन्न पदाधिकारियों का भी मनोनयन किया गया है।

नई जिम्मेदारियों के तहत समरजीत सिंह मिर्जापुर को प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कमल वर्मा कानपुर को प्रदेश महामंत्री तथा सत्यशील सिंह ‘टनमन’ को प्रदेश कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष रवि सर्राफ ने प्रदेश सलाहकार पर मानिक राव पाटिल, कृष्ण कुमार सेठ “बच्चू” , नन्हेंलाल वर्मा जौनपुर, गणेश सेठ सैदपुर, दयाशंकर सेठ को मनोनीत किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामसुंदर सिंह, विनोद कुमार सेठ, ईश्वर चंद्र वर्मा, अशोक कुमार सेठ सुल्तानपुर, संजय सर्राफ प्रयागराज, नीरज सर्राफ गोरखपुर, विजय सर्राफ मऊ, सुनील सर्राफ बलिया और लखनऊ से मनोनीत हुए।

संयुक्त मंत्री श्याम कुमार सर्राफ तथा मंत्री कमल कुमार सिंह, विष्णु दयाल सेठ, अशोक कुमार वर्मा बलिया, राजकुमार सेठ अकबरपुर, ध्रुव जी सोनी, पंकज सर्राफ, प्रदेश विधिक सलाहकार दुर्गा प्रसाद सेठ एडवोकेट, प्रदेश संगठन मंत्री ईश्वर दयाल सिंह सेठ मोहम्मदाबाद गोहना मनोनीत हुए। साथ ही प्रदेश की 11 कार्यकारिणी टीम भी सर्वसम्मति से बनाई गई।

संतोष कुमार वर्मा गाज़ीपुर, अर्जुन प्रसाद सर्राफ बलिया और संतोष कुमार वर्मा भदोही जिलाध्यक्ष बनाए गए।

इन नियुक्तियों के माध्यम से संगठन को नई ऊर्जा देने और प्रदेश स्तर पर उसकी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।

स्वर्ण नियंत्रण कानून के दौर से जुड़ा है संगठन का इतिहास

गौरतलब है कि स्वर्णकार संघ (1363) एक पुराना संगठन है, जिसका इतिहास स्वर्ण नियंत्रण कानून, 1963 के दौर से जुड़ा हुआ है। यह संस्था लंबे समय से स्वर्ण एवं रजत कारीगरों तथा दुकानदारों के हितों के लिए कार्य करती रही है। संगठन का उद्देश्य पारंपरिक स्वर्णकारी व्यवसाय से जुड़े लोगों की समस्याओं को उठाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना तथा समाज के लोगों को संगठित करना रहा है।

प्रदेश की इकाइयों को भंग करने के बाद हुआ पुनर्गठन

पिछले दिनों प्रदेश अध्यक्ष रवि सर्राफ ने संगठनात्मक व्यवस्था में बदलाव करते हुए प्रदेश की विभिन्न इकाइयों के साथ-साथ जिला स्तरीय टीमों को भी भंग कर दिया था। इसके बाद अब नए सिरे से प्रदेश एवं जिला स्तर पर पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया है।

किशोर सेठ “पूर्व पार्षद” को वाराणसी जिलाध्यक्ष बनाए जाने से स्थानीय संगठन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। वहीं, प्रदेश कार्यकारिणी में अनुभवी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपकर संगठन को और अधिक सक्रिय, सशक्त एवं प्रभावी बनाने की पहल की गई है।

बैठक में मुख्य रूप से कृष्ण कुमार सेठ “बच्चू जी”, दयाशंकर सेठ, श्याम सुंदर सिंह, विनोद कुमार सेठ, सत्यशील सिंह “टनमन”, श्याम कुमार सर्राफ, कमल कुमार सिंह, ध्रुव जी सोनी, ईश्वर दयाल सिंह सेठ, पंकज सर्राफ, किशोर सेठ आदि मौजूद रहे।

 

रिपोर्ट –  विवेक कुमार यादव 

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