काशी हिंदू विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण और व्यस्त सिंह द्वार के सामने बारिश के बाद भारी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। वहीं सर सुन्दरलाल अस्पताल की सड़क भी पूरी तरह पानी में डूब गई, जिसके कारण पैदल राहगीरों, छात्रों, स्थानीय लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सिंह द्वार बीएचयू का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ वाराणसी के महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में छात्र, मरीज, उनके परिजन और आम नागरिक आवागमन करते हैं। ऐसे में बारिश के बाद घंटों तक पानी जमा रहना गंभीर चिंता का विषय है।

स्थानीय नागरिक प्रशासन और नगर निगम से मांग करते हैं कि इस जलभराव की समस्या का तत्काल संज्ञान लिया जाए और मौके पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए। साथ ही, केवल बारिश के समय पानी निकालने के बजाय इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
बारिश हर साल होती है, लेकिन अगर हर बार वही जलभराव और वही परेशानी देखने को मिले तो यह निश्चित रूप से व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। संबंधित विभागों को मिलकर नालियों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने और जहां आवश्यक हो वहां स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए।
स्थानीय नागरिक उम्मीद करते हैं कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करेगा, ताकि बीएचयू आने वाले छात्रों, मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों को बारिश के दौरान इस परेशानी से राहत मिल सके।







