यह पहल बुलंदशहर जिले की स्याना तहसील के नरसैना गांव से शुरू की गई है.
इस पायलट प्रोजेक्ट में वर्तमान में बुलंदशहर के 15 गांवों को जोड़ा गया है. इन गांवों से हर दिन लगभग 500 लीटर गोमूत्र एकत्र किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 300 ग्रामीण महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाकर सीधे रोजगार से जोड़ा गया है.







