मीरजापुर
मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला दो पालियों में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक एवं दोपहर 02:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक आयोजित की गई।
उक्त कार्यशाला मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार एवं संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेन्द्र कुमार की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए सुझाव दिया कि जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बनें। उपस्थित लाभार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी प्रतिभा के अनुसार ऐसे कार्य को आजीविका के रूप में अपनाया जाए, जिससे आनंद की अनुभूति हो।
उन्होंने कहा कि मीरजापुर कृषि प्रधान जनपद है, अतः कृषिगत गतिविधियों से उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में विस्तार को प्राथमिकता देनी होगी। जैसे- डेयरी व्यवसाय का विस्तार एवं विकास राजगढ़, पटेहरा एवं हलिया क्षेत्रों में अधिकता से हो सकता है। इसी प्रकार प्रोजेक्ट गंगा के तहत समस्त ब्लॉकों एवं ग्राम पंचायतों में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के रूप में रोजगार सृजन एवं सेवा विस्तार की संभावना एवं अवसर के बारे में भी प्रेरित किया गया।

प्रथम पाली में लाभार्थियों, इच्छुक उद्यमियों, युवाओं एवं एमएसएमई के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी (सीएम युवा, ओडीओपी, एमवाईएसवाई, एमएसएमई पॉलिसी आदि), बिजनेस आइडिया एवं अवसर, प्रोजेक्ट रिपोर्ट एवं आवश्यक दस्तावेज, लोन आवेदन प्रक्रिया, बिजनेस रजिस्ट्रेशन, मार्केटिंग एवं डिजिटल प्लेटफार्म, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन एवं प्रश्नोत्तर पर आधारित रही। वहीं द्वितीय पाली में सभी स्टेक होल्डर जैसे बैंक प्रतिनिधि एवं अन्य विभागों का क्षमता संवर्धन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन समाधान टीम के युगल नारायण, अमन एवं बैंक विशेषज्ञ मुकेश वार्ष्णेय द्वारा विस्तृत रूप से किया गया। कार्यशाला के दौरान उपायुक्त उद्योग संदीप कुमार तथा एलडीएम आनंद कुमार झा उपस्थित रहे एवं योजनाओं से संबंधित समस्त जिज्ञासाओं का निराकरण किया गया।







