उनकी इस नवीन उपलब्धि पर मित्रों एवं पारिवारिक जनों में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी है.
प्रो. गुरु प्रसाद सिंह को 34 वर्षों का शिक्षण, अनुसंधान विस्तार और प्रशासन का अनुभव है, प्रो. सिंह 17 साल से प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके पूर्व में प्रो. सिंह राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के निदेशक मंडल के सदस्य, एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के सलाहकार बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। उनकी अब तक कुल आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं |
इसके पूर्व वे भारतीय गो-वंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदत्त गौ ज्योति पुरस्कार (2013), डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह गौ रक्षा पुरोधा सम्मान (2018), प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट, लखनऊ द्वारा प्रदत्त उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान (2018) जैसे विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किये जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त वे आजीवन सदस्यः इंडियन डेयरी एसोसिएशन (Indian Dairy Association), इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन (Indian Economic Association), इंडियन साइंस कांग्रेस सोसाइटी (Indian Science Congress Society), उत्तर प्रदेश उत्तरांचल इकोनॉमिक एसोसिएशन, भारतीय गो-वंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद, सोसाइटी फॉर कम्युनिटी मोबिलाइजेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (MOBILIZATION), भारत जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के आजीवन सदस्य भी है.
प्रो. सिंह लगातार किसानों को स्व रोजगार और कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रोत्साहित भी करते हैं। उन्होंने विगत कई वर्षों से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में भी आपने विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।










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