210000 की फर्जी लूट की कहानी 3 घंटे में धराशायी, पुलिस की सख्ती में कबूला सच
कर्ज में डूबे एक रेलवे कर्मी ने लेनदारों से बचने के लिए चाकू की नोक पर लूट का फर्जी नाटक रच डाला। सिगरा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी के आधार पर महज 3 घंटे में मामले का खुलासा कर झूठ का भंडाफोड़ कर दिया।
क्या था पूरा मामला
15.07.2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे अमित कुमार श्रीवास्तव पुत्र अवधेश प्रसाद श्रीवास्तव, निवासी लक्ष्मीपुर सिसवन, डाला, सिवान हाल पता चंदवा-चित्तूपुर, थाना सिगरा ने सूचना दी कि वह बुलेट से 210000 रुपये* लेकर महमूरगंज बैंक में जमा करने जा रहा था। रास्ते में लोको कॉलोनी के पास प्लैटिना सवार 3 अज्ञात बदमाशों ने चाकू मारकर रकम लूट ली। पीड़ित ने इसकी सूचना 112 पर भी दी थी।
पुलिस की मुस्तैदी से खुली पोल
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक सिगरा मय टीम और एसओजी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल के आसपास लगे प्राइवेट और त्रिनेत्र कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पीड़ित और उसकी पत्नी से गहनता से पूछताछ की गई।
जांच में पीड़ित के बयान और सीसीटीवी फुटेज में भारी विरोधाभास मिला। कड़ाई से पूछताछ में अमित टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
कर्ज के बोझ तले दबकर रचा षड्यंत्र
अमित ने बताया कि उसने कई लोगों से मोटा कर्ज ले रखा था। लेनदार लगातार पैसा मांग रहे थे। इसी से बचने के लिए उसने ये साजिश रची ताकि सभी को लगे कि उसकी लूट हो गई है और कोई उससे पैसा न मांगे।
सिगरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
इस फर्जी मामले का त्वरित खुलासा कर सिगरा पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता साबित की है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ झूठी सूचना देने और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने के आरोप में विधिक कार्रवाई की जा रही है।







