वाराणसी।
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत गुरुवार को वाराणसी में बड़ा प्रशासनिक कदम देखने को मिला। चौड़ीकरण की जद में आ रही पांच मस्जिदों के मुआवजा प्राप्त हिस्सों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया। इस कार्य के लिए मस्जिद कमेटियों की ओर से कुल 125 मजदूर लगाए गए, जिन्होंने हथौड़ों से निर्धारित हिस्सों का ध्वस्तीकरण शुरू किया।
जानकारी के अनुसार करीमुल्ला बेग मस्जिद, निसारन मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद, अली रज़ा मस्जिद और संगमरमर मस्जिद के चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्सों को हटाया जा रहा है। प्रत्येक⁸ मस्जिद पर 25-25 मजदूर लगाए गए हैं। दोपहर में चाय-नाश्ते के लिए करीब आधे घंटे कार्य रुका, जिसके बाद मजदूर फिर से काम में जुट गए।
मस्जिद करीमुल्ला बेग के मुतवल्ली मिर्जा सैफ बेग ने बताया कि दालमंडी चौड़ीकरण के दायरे में कुल छह मस्जिदें हैं, जिनमें से पांच पर ध्वस्तीकरण का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारुकी और संबंधित मुतवल्लियों के साथ बातचीत के बाद आम सहमति से यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि कुछ मस्जिदों का केवल सीमित हिस्सा चौड़ीकरण में प्रभावित हो रहा है, जबकि एक-दो मस्जिदों का 70 से 90 प्रतिशत तक हिस्सा परियोजना की जद में आ रहा है। प्रभावित हिस्सों के बदले सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा दिया जा रहा है।
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को वाराणसी की महत्वपूर्ण यातायात सुधार योजनाओं में शामिल माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और जाम की समस्या में काफी राहत मिलेगी।







