वाराणसी।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तस्वीर आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदलने जा रही है। करीब 2870 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे एयरपोर्ट विस्तार परियोजना का रविवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निरीक्षण किया और अधिकारियों को वर्ष 2027 तक सभी कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गंजारी स्थित निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के साथ-साथ एयरपोर्ट परिसर में बन रहे अत्याधुनिक टर्मिनल भवन, रनवे विस्तार और विशेष सुरंग (टनल) का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय भूजल स्तर को देखते हुए अपनाई गई संशोधित निर्माण तकनीक की जानकारी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के साथ परियोजना की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
75 हजार वर्गमीटर का बनेगा नया टर्मिनल
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत 75 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में एक अत्याधुनिक टर्मिनल भवन तैयार किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 39 लाख से बढ़कर 99 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी। नया टर्मिनल अकेले ही प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
रनवे होगा 4,075 मीटर लंबा
परियोजना के तहत रनवे की लंबाई 2,750 मीटर से बढ़ाकर 4,075 मीटर की जा रही है। साथ ही नया एप्रन विकसित किया जा रहा है, जहां एक साथ 20 से अधिक विमानों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
पुराने और नए टर्मिनल को जोड़ने के लिए एसी स्मार्ट ग्लास कॉरिडोर और ट्रैवलरेटर भी बनाए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
पूर्वांचल को मिलेगा बड़ा फायदा
विस्तार परियोजना पूरी होने के बाद वाराणसी एयरपोर्ट बड़े कार्गो विमानों और जंबो जेट्स के संचालन में सक्षम हो जाएगा। इससे पूर्वांचल की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। एयरपोर्ट को ग्रीन एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां सौर ऊर्जा और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का व्यापक उपयोग होगा।
निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता, एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा समेत एयरपोर्ट प्रबंधन और निर्माण एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।







