चहनियां
लक्ष्मणगढ़ स्थित लक्षुब्रम्ह बाबा मंदिर प्रांगण में पर्यटन विकास कार्य के तहत चल रही खुदाई के दौरान सोमवार को अत्यंत प्राचीन और दुर्लभ प्रतिमा प्राप्त हुई। एक ही पत्थर पर तराशी गई इस भव्य प्रतिमा में भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश जी साक्षात रूप में विराजमान हैं।

शासन द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंदिर परिसर में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण के तहत मजदूर करीब 4 फीट गहरा गड्ढा खोद रहे थे, तभी अचानक उनका फावड़ा किसी ठोस पत्थर से टकराया। अनहोनी की आशंका से घबराकर मजदूर गड्ढे से बाहर निकल आए और इसकी सूचना मंदिर के पुजारी रामदयाल मिश्रा को दी।
सूचना मिलते ही मंदिर के पुजारी रामदयाल मिश्रा सीढ़ी और बाल्टी में गंगाजल लेकर खुद गड्ढे में उतरे। उन्होंने अत्यंत सावधानी से पत्थर पर लगी मिट्टी को साफ किया। मिट्टी हटते ही वहां उपस्थित लोग श्रद्धा से भर उठे। एक ही शिलाखंड पर दाहिनी ओर भगवान भोलेनाथ, बाईं ओर माता पार्वती और मध्य में रिद्धि-सिद्धि के दाता श्री गणेश जी की प्रतिमा पूरी तरह स्पष्ट दिखाई देने लगी। पुजारी ने तत्काल इसकी सूचना ‘श्री लछछू ब्रह्म बाबा समिति’ के पदाधिकारियों को दी।
सूचना पर समिति के संरक्षक प्रिंस मिश्रा उर्फ ध्रुव और सचिव गणेश सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। श्रद्धाभाव के साथ गड्ढे के भीतर ही प्रतिमा को फूल-माला पहनाई गई, भोग लगाया गया और धूप-दीप जलाकर आरती की गई। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर के पुजारी रामदयाल मिश्रा ने बताया कि इस ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व की प्रतिमा के संबंध में आगामी मंगलवार को समिति की एक विशेष बैठक बुलाई गई है।
बैठक में विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से प्रतिमा को गड्ढे से ससम्मान बाहर निकाला जाएगा और मंदिर परिसर में ही किसी पावन स्थान पर विधि-विधान व दिव्यता के साथ उसकी प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।







