चन्दौली इलिया
शिकारगंज के पंचायत भवन में 12 जून 2026, शुक्रवार को एक स्वास्थ्य और पोषण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करना था। इस प्रशिक्षण के माध्यम से, महिलाओं को अपने-अपने गांवों में स्वयंसेवी स्वास्थ्य कार्यकर्ता (CHM) के रूप में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। वे अब समुदाय में स्वास्थ्य और पोषण के बुनियादी ज्ञान का प्रसार करेंगी।

रोज़ा संस्थान की काउंसलर ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वास्थ्य और पोषण के बुनियादी सिद्धांतों से परिचित कराया। इसमें साफ-सफाई, हाथ धोने के सही तरीके, पर्यावरणीय स्वच्छता और पोषण की समझ जैसे विषय शामिल थे। खेल के माध्यम से फल, फूल, सब्जी और अनाज की पहचान कराई गई, जिससे ऊर्जा, शरीर निर्माण और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को समझाया जा सके।
प्रशिक्षण में माँ और बच्चे के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया
समझाया जा सके।
प्रशिक्षण में माँ और बच्चे के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इसमें गर्भवती महिलाओं की देखभाल, उनके पोषण और आवश्यक जाँचों की जानकारी दी गई। बच्चों के लिए जन्म के बाद छह माह तक माँ का दूध (कोलोस्ट्रम सहित) और टीकाकरण के महत्व पर भी चर्चा हुई। बीमारी से बचाव के लिए खाने से पहले-बाद, शौच के बाद और बच्चों को खाना देने से पहले हाथ धोने का महत्व समझाया गया। काउंसलर ने हाथ धोने का प्रदर्शन किया और प्रतिभागियों से भी अभ्यास कराया। स्वयंसेवी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (CHM) की भूमिका पर भी जोर दिया गया, जिसमें घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना, स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और सामुदायिक बैठकें आयोजित करना शामिल था। इन सभी अवधारणाओं का अभ्यास खेल के माध्यम से कराया गया। प्रशिक्षण के अंत में, सभी CHM को एक बैग प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रोज़ा संस्थान के कार्यकर्ता पूजा, खैरुन, रविंद्र, हैदर, सहाना के साथ-साथ 23 ग्रामीण महिलाएं (CHM) शामिल थीं। इनमें गीता, रेशमा, मीना, सरोज, नीतू, रजमुनी, मीरा, पवित्रा, लक्ष्मीना, रीना, विमला, सीमा तेतरा, गुलावी, जलेखा, सुनीता, गुड्डी, नीतू चंदा, धन्वंती, आरती और सीमा प्रमुख थीं।







