वाराणसी
प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए उस बयान, जिसमें एक वर्ष तक सोने की खरीदारी न करने की बात कही गई, को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर भारतीय औद्योगिक व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजेन्द्र सोनकर एवं राष्ट्रीय महामंत्री डॉ अखिलेश सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बयान की निन्दा की है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि देश का व्यापारी वर्ग पहले ही लगातार बढ़ती महंगाई, टैक्स व्यवस्था, ऑनलाइन व्यापार और प्रशासनिक दबावों से जूझ रहा है। ऐसे समय में सोना व्यापार से जुड़े करोड़ों व्यापारियों और कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल असर डालने वाले बयान से व्यापारिक जगत में असंतोष फैल गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विजेन्द्र सोनकर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में आर्थिक सुधार चाहती है। तो नेताओं की फिजूलखर्ची, रैलियों, भारी भरकम तनख्वाह, पेंशन और भत्तों पर रोक लगाए। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जो हर प्रकार का टैक्स ईमानदारी से देता है। फिर भी सबसे अधिक उत्पीड़न का शिकार होता है।
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ अखिलेश सिंह ने कहा कि देश का हर एक व्यापारी हर संकट में सरकार के साथ खड़ा रहा है। लेकिन लगातार व्यापारियों को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यापारियों की समस्याओं और भावनाओं की अनदेखी की गई तो देशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि सरकार को व्यापारियों को कमजोर करने के बजाय उन्हें सुरक्षा, सम्मान और सुविधाएं देनी चाहिए, ताकि देश की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हो सके।
व्यापारियों का स्पष्ट संदेश
व्यापारी कमजोर नहीं, देश की अर्थव्यवस्था की ताकत है।
व्यापारी एकता ने अपने जिंदाबाद होने का नारा लगाया गया।
भारतीय व्यापारियों का सम्मान करो
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करो







