चन्दौली मुगलसराय में जीटी रोड स्थित काली मंदिर के स्थानांतरण को लेकर प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट कमेटी के बीच सोमवार शाम वार्ता हुई। इस दौरान एसडीएम मुगलसराय अनूपम मिश्रा ने मंदिर को 13 तारीख तक वर्तमान स्थान से हटाकर शनिदेव मंदिर के बगल में स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया। इस फैसले से ट्रस्ट सदस्यों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी फैल गई है।
बैठक में एसडीएम अनूपम मिश्रा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को मंदिर निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि माता जी का मंदिर बनाया जा रहा है, तो प्रशासन इसका विरोध नहीं करेगा। हालांकि, उन्होंने जगह की कमी और निर्धारित नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सभी कार्य नियमों के अनुसार ही पूरे किए जाएंगे क्योंकि उपलब्ध स्थान सीमित है।
इसके बावजूद, मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस फैसले का विरोध किया। ट्रस्ट से जुड़े आशु जायसवाल ने आरोप लगाया कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और बिना सहमति के मंदिर हटाने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसडीएम ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि 13 तारीख तक हर हाल में मंदिर हटाया जाएगा।
आशु जायसवाल ने यह भी बताया कि काली मंदिर क्षेत्र का सबसे प्राचीन मंदिर है और इससे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मंदिर को आसपास ही किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत न हों। उन्होंने इस मामले में जल्दबाजी में निर्णय लेने को अनुचित बताते हुए लंबी बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में मौजूद अन्य लोगों ने भी प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी व्यक्त की। विरोध दर्ज कराने वालों में आशु जायसवाल, चंदेश्वर जायसवाल, रितेश सिंह, छोटू पंडित, सुमित सिंह, अजय चौहान, पप्पू साइकिल वाले, देव शिवदत्ता, राजकुमार पाहवा, राजेश जायसवाल, आलोक जायसवाल, चंद्रदीप जायसवाल, अशोक सिद्धार्थ, सुधांशु और सचिन गुप्ता सहित कई स्थानीय नागरिक शामिल थे।
इस मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग प्रशासन से ऐसा समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं, जिससे धार्मिक आस्था और विकास कार्यों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।







