वाराणसी
जिले के सारनाथ थाना अंतर्गत सिंहपुर निवासी चंद्रशेखर प्रसाद ने क्षेत्र में सक्रिय भू-माफियाओं और एक अधिवक्ता के कथित गठजोड़ को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि एक गिरोह बनाकर सुनियोजित तरीके से लोगों की कीमती जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है और विरोध करने पर उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
मरे हुए व्यक्ति को ‘जिंदा’ बताकर हड़पी अरबों की जमीन
चंद्रशेखर प्रसाद ने आरोप लगाया कि दिनेश कुमार (अधिवक्ता) अपने गिरोह के साथ मिलकर कागजों में हेरफेर करते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस गिरोह ने एक मृत व्यक्ति को जीवित दर्शाते हुए फर्जी वसीयत तैयार की और उसके जरिए अरबों-खरबों की संपत्ति अपने नाम करा ली।
फर्जी SC/ST मुकदमों का ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल
पीड़ित ने एक सूची दिखाते हुए दावा किया कि यह गिरोह जमीन कब्जाने के बाद स्थानीय गरीब किसानों और आम लोगों पर SC/ST एक्ट के तहत फर्जी मुकदमे दर्ज कराता है। इसके बाद पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाकर सुलह के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। चंद्रशेखर के अनुसार, अब तक लगभग 14 से अधिक ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें इस गिरोह की संलिप्तता है।
प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार
पीड़ित ने बताया कि उन्हें 22 अप्रैल 2026 को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस कमिश्नर वाराणसी, डीजीपी लखनऊ और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजकर अपनी जान-माल की सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
“मैं प्रशासन से निवेदन करता हूँ कि इस भू-माफिया गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मेरी जान को खतरा है और मुझे सुरक्षा प्रदान की जाए।”







