सकलडीहा / चंदौली भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आज सकलडीहा कस्बा नीले झंडों और ‘जय भीम’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर क्षेत्र के दलित और अंबेडकरवादी संगठनों द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। लोग हाथों में नीला ध्वज लेकर और पंचशील के प्रतीक झंडे लेकर उत्साह के साथ चलते नजर आए।
सजे-धजे वाहन: जुलूस में डॉ. अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा को एक सजे हुए वाहन पर स्थापित किया गया था, जिस पर पुष्प वर्षा की जा रही थी। इसके साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पिकअप वैन पर डीजे की धुन पर युवा थिरकते दिखे। कस्बे के मुख्य बाज़ारों से होकर गुजरी इस शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। जुलूस के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल सक्रिय नजर आया।शोभायात्रा के माध्यम से बाबा साहेब के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के संदेश को प्रसारित किया गया।
देशभक्ति और बाबा साहेब के गीतों ने माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया। सकलडीहा के मुख्य मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा अपने निर्धारित गंतव्य पर पहुंची, जहाँ बाबा साहेब के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन न केवल एकता का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बाबा साहेब के आदर्शों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







